कोरोना संक्रमण की वजह से अनाथ हुए विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करेगा साईनाथ विश्वविद्यालय

युवाओं को क्वालिटी शिक्षा देने के लिये विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध

Ranchi : साईनाथ विश्वविद्यालय वैसे विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करेगा, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना संक्रमण की वजह से हो गयी है. यह निर्णय विश्वविद्यालय की एक बैठक में कुलपति प्रो. (डा.) एसपी अग्रवाल ने लिया है. विश्वविद्यालय की ओर से एक प्रेस रिलीज के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए कहा गया है कि साईनाथ विश्वविद्याल झारखंड एवं बिहार के विद्यार्थियों के लिये रोजगारपरख एवं क्वालिटी शिक्षा देने के लिये प्रतिबद्ध है. रांची से महज 14 किलो मीटर दूर चंदवे कुच्चू मार्ग पर स्थित इस विश्वविद्यालय की स्थापना 2012 में हुई थी. तब से यह विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य गढ़ने में कार्यरत है. झारखंड अधिनियम15, 2012 तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नयी दिल्ली से मान्यता प्राप्त यह विश्वविद्यालय सिर्फ दस वर्षों की अवधि में ही शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है. यह विश्वविद्यालय झारखंड का एकमात्र निजी विश्वविद्यालय है जो डिपलोमा इंजीनियरिंग के लिये एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त है. साईनाथ झारखंड का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसका बीएएलएलबी (इंटीग्रेटेड कोर्स) का क्लैट-2020 के साथ एमओयू हुआ है.इस विश्वविद्यालय को एनसीसी की यूनिट का आवंटन भी प्राप्त है. विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्कता के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में वाईफाई एवं सुरक्षा की दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गयी है. साथ ही सुरक्षा के लिहाज से एक पुलिस पीकेट की स्थापना की गयी है, जिसमें हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं.