खाने में आगे हैं झारखंड के ग्रामीण
भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की कोशिश
भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल जो ऑपरेशन ब्रेक हुआ है उसमें किसी दूसरे राष्ट्र की मध्यस्थता नहीं है. लेकिन फिर भी कांग्रेस का एक बड़ा तबका बार-बार भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. कांग्रेस के नेता स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद कर रहे हैं कि उन्होंने 1971 में पाकिस्तान का बंटवारा कर दिया था. ये नेता इस बात को भूल जाते हैं कि 1972 के शिमला समझौते के तहत बांग्लादेश में 93000 आत्मसमर्पण किए पाकिस्तानी सैनिकों को श्रीमती गांधी ने बिना शर्त पाकिस्तान को लौटा दिया था. जबकि ये एक्सचेंज की बदौलत पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर को वापस लेने का एक उपयुक्त समय था.झारखंड सरकार ने कितने पाकिस्तान नागरिकों को डिपोर्ट किया
झारखंड सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि विदेश मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, पाकिस्तानी वीजा पर ओवर स्टे करने वाले कितने पाकिस्तानी नागरिकों को झारखंड सरकार ने चिन्हित किया है. इनमें से कितने को बाहर निकल गया? जानकारियां मिल रही है कि झारखंड सरकार इस मुद्दे में बहुत गंभीर नहीं है. राज्य सरकार को समझना चाहिए कि देश सर्वोपरि होता है. इसलिए झारखंड सरकार अविलंब अवैध तरीके से रह रहे इन पाकिस्तानी नागरिकों को झारखंड से बाहर निकालने का मार्ग प्रशस्त करे. इसे भी पढ़ें - सुरक्षा">https://lagatar.in/cabinet-committee-meeting-on-security-will-be-held-on-wednesday-pm-modi-will-preside-over-it/">सुरक्षासे जुड़ी कैबिनेट कमेटी की बैठक बुधवार को, पीएम मोदी करेंगे अध्यक्षता