20 साल बाद भी अधूरा वन अधिकार: झारखंड में हजारों आदिवासी परिवार व ग्राम सभाएं पट्टे की प्रतीक्षा में
वन अधिकार कानून (FRA) लागू होने के करीब दो दशक बाद भी झारखंड में आदिवासी और पारंपरिक वनवासी समुदाय अपने अधिकारों के पूर्ण क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे हैं. पीढ़ियों से जंगल और वन भूमि पर निर्भर समुदाय सवाल उठा रहे हैं कि जब उनकी आजीविका, खेती और जीवन जंगलों से जुड़ा है, तो सामुदायिक वन अधिकार (CFR) के तहत उन्हें अब तक व्यापक स्तर पर पट्टे क्यों नहीं दिए गए.

























































