हजारीबाग रामनवमी : दर्द व आंसुओं में बदल गया खुशियों व आस्था का प्रतीक यह त्योहार
भुजाली, तलवार, चाकू, भाले और उपर से शराब का नशा. डीजे का कानफाड़ू शोर. यह सब मिलकर जुलूस को श्रद्धा, शक्ति और आस्था के बदले कुछ और ही बना दे रहा है. पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन के बदले नये चाईनीज हथियारों ने जगह ले ली है. उपर से रामनवमी के बहाने आपसी दुश्मनी को साधने के मंसूबे ने इस पर्व को अब अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया है.


















































