झारखंड में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार-01: विधानसभा से हुई शुरूआत
राज्य गठन के बाद नियुक्ति में भ्रष्टाचार की शुरूआत विधानसभा के पहले अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी के कार्यकाल में हुई. राज्य गठन के बाद उनकी काबिलियत की वजह से उन्हें विधानसभा का पहला अध्यक्ष बनाया गया था. अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने राज्य को ईमानदारी से चलाने के लिए बिरसा मुंडा की मूर्ति के नीचे जमा होकर कसम खाने का आह्वान किया. लेकिन ईमानदारी से शासन चलाने की कसम खाने कोई नहीं गया.








































