Ranchi: सरला बिरला विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग द्वारा नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे के अवसर पर ‘फार्मा अन्वेषण 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह आयोजन ‘फादर ऑफ फार्मेसी’ प्रो. एम. एल. श्रॉफ की जयंती के उपलक्ष्य में संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया एवं झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के कार्यकारी सदस्य धर्मेंद्र सिंह उपस्थित रहे.
उन्होंने पीसीआई पंजीकरण, फार्मासिस्ट की भूमिका और फार्मेसी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी. वहीं, झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के निबंधक प्रशांत कुमार पांडेय ने फार्मासिस्ट की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को निरंतर सीखने की प्रेरणा दी.
बीआईटी मेसरा के प्रो. के. जयराम कुमार ने पारंपरिक चिकित्सा, शोध, नवाचार और पेशेवर नैतिकता के महत्व को रेखांकित किया. विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने फार्मा इकोसिस्टम, शोध की आवश्यकता, नियामक संस्थाओं की भूमिका और ई-प्रिस्क्रिप्शन जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं पर अपने विचार साझा किए. कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, सहयोगात्मक शोध और मूल्य-आधारित शिक्षा पर जोर दिया.
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं तथा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया का आधिकारिक वीडियो भी प्रदर्शित किया गया. पोस्टर, भाषण और निबंध प्रतियोगिताओं के विजेता राहुल देब बर्मन, प्रिंसी साहू, शशांक कुमार गुप्ता, अदिति अग्रवाल, अटिका, काव्या चौहान, कुमार विजय, रोशनी, रौनक, आदित्य कुमार साहू एवं सिम्पी सोनी को पुरस्कृत किया गया. पुरस्कार वितरण निशा कुमारी सिंह द्वारा किया गया.
कार्यक्रम का संचालन निशा कुमारी सिंह एवं संतोष कुमार ने किया, जबकि मंच संचालन अंजली मिश्रा और सुरुचि गुप्ता ने किया. स्वागत भाषण डॉ. शुभ्रजीत मंत्री और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सबिता कुमारी ने दिया. इस अवसर पर संकाय सदस्यों द्वारा प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया. एसबीयू के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान और राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी.
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