Ranchi : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा में दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने हिंदू देवी-देवताओं और पर्व-त्योहारों का अपमान किया है.
आदित्य साहू ने कहा कि सनातन संस्कृति हजारों वर्षों से हर तरह के हमलों के बावजूद अक्षुण्ण रही है और लगातार मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत साधु-संतों, मठ-मंदिरों और पूजा-पद्धतियों का देश है, जिस पर गुलामी के दौर में भी हमले हुए और आजादी के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस परंपरा के खिलाफ खड़े नजर आते हैं.
उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि इन नेताओं ने सनातन परंपरा के खिलाफ बयान दिए. साहू ने आरोप लगाया कि राम के अस्तित्व को नकारने से लेकर भगवा आतंक जैसे शब्द गढ़ने तक कांग्रेस ने मर्यादाएं लांघी हैं.
साहू ने कहा कि सत्ता की लालसा और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण हेमंत सोरेन भी अब राहुल गांधी के रास्ते पर चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और पूजा पद्धति का मजाक उड़ाना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए और किसी भी धर्म या संप्रदाय का उपहास नहीं करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सनातन परंपरा विश्व के लिए अनुकरणीय है और आज दुनिया के लोग भी इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं.
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दोहरी राजनीति कर रहे हैं. एक ओर वे स्वयं पूजा-पाठ करते हैं, वहीं दूसरी ओर वोट बैंक की राजनीति के कारण उनकी भाषा बदल जाती है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अन्य धर्मों की मान्यताओं पर टिप्पणी करके देखें.
साहू ने कहा कि रामनवमी के जुलूस, झंडे के आकार और डीजे बजाने को लेकर सरकार के फैसलों से पहले ही उसकी मानसिकता स्पष्ट हो चुकी है. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज सहिष्णु है, लेकिन लगातार उकसाने पर प्रतिक्रिया भी देता है.
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने बयान पर हिंदू समाज से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर समाज का प्रतिकार देखने को मिलेगा.
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