Search

ओपिनियन

मिडिल क्लास और मोबाइल : हालात खराब नहीं ठन-ठन गोपाल वाली

मोबाइल क्रांति का दौर है. मोबाइल फोन सबके लिए जरूरी है. सभी के पास मोबाइल है भी. लेकिन ताजा खबर आपको हिला देंगे. भारत में इस साल (जनवरी से जून तक) 12 हजार रुपये से कम वाले स्मार्टफोन की बिक्री में 54 प्रतिशत की गिरावट आयी है. जबकि इंट्री लेवल के मोबाइल फोन, जिनकी कीमत 9600 रुपये से कम थे, उनकी बिक्री में 59 प्रतिशत की कमी आयी है.

Continue reading

चढ़ावे पर चपत की जवाबदेही से चंपत नहीं हो सकते चंपत राय

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से दुनिया भर के सनातनी आहत हैं. यह चोरी उन महानुभावों की मौजूदगी या निगरानी के बावजूद हुई है जिनकी निष्ठा और ईमानदारी पर किसी को शक नहीं था. यदि शक होता तो उन्हें राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में रखा ही क्यों जाता. बावजूद इसके चोरी हुई है तो जवाबदेही तय होनी चाहिए.

Continue reading

सायोनी घोष के भाजपा खेमे में जाने की वजह कुंतल से करोड़ों के गिफ्ट लेना तो नहीं!

खूबसूरत, हसीन, आकर्षक, अभिनेत्री, गायिका और राजनेत्री सायोनी घोष फिर से चर्चा में हैं. इस बार वह अपने दोस्त कुंतल घोष को लेकर चर्चा में हैं, जो नियुक्ति घोटाला में आरोपी हैं और जिन्होंने सायोनी घोष को पांच करोड़ रुपये से अधिक के गिफ्ट दिये. गिफ्ट के रुप में उन्हें फ्लैट, गाड़ी वैगरह मिले.

Continue reading

खुद गाली सुनने वाले मीडिया ने CJI को गाली की खबर दबा दी

यह सही है कि कार्रवाई नहीं होने से हताशा होती है, सुप्रीम कोर्ट से उसने मांग की ही नहीं तो कार्रवाई कहां होती और अदालत ने अभद्रता तथा गाली देने के लिए कार्रवाई नहीं करने का निर्णय किया तो यह उसका विशेषाधिकार है लेकिन मीडिया वालों का काम था कि उससे मिलते, बात करते और पाठकों के लिए चीजों को स्पष्ट करते.

Continue reading

अखबारों व टीवी चैनलों को मिल ही गया गडकरी का टैग

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अखबार और टीवी चैनलों को लेकर बड़ा बयान दिया है. इथेनॉल के मुद्दे पर उन्होंने कहा है कि कोई प्रिंट (अखबार) वाला नहीं छाप रहा, कोई टीवी वाला नहीं दिखा रहा, बस सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स मेरे (गडकरी) के खिलाफ रील बना रहे हैं.

Continue reading

पश्चिम बंगालः MP-MLA गदगद, ममता व भाजपा नेताओं का डब्बा गोल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार, भाजपा की जीत, टीएमसी में टूट. यही तीन खबरें सुर्खियों में हैं. लेकिन थोड़ा भीतर देखें, तो पता चलता है कि टीएमसी के सांसद-विधायक तो गदगद हो रहे. नुकसान हुआ तो सिर्फ ममता बनर्जी और भाजपा के नेताओं का.

Continue reading

हम भारत के लोग देश के नागरिक ही नहीं हैं

भारत के संविधान की ड्राफ्टिंग चाहे जिस किसी ने की हो, उसके निर्माण में संविधान निर्मातृ समिति के सदस्यों ने चाहे जितनी बहस की हो, लेकिन उसे अंगीकार किया है हम भारत के लोगों (बी द पीपल ऑफ इंडिया) ने. लेकिन विडम्बना देखिए कि वही भारत के लोग एक अदद नागरिकता प्रमाण पत्र के लिए तरस रहे हैं. जितने भी डिजिटल या प्लास्टिक कार्ड हमारे पास हैं उनमें से कोई भी हमारी नागरिकता का प्रामाणिक दस्तावेज नहीं है.

Continue reading

वर्ल्ड बैंक के फैसले से बढ़ी चिंता, जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए संसाधनों की होगी कमी

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता को लेकर नई बहस छिड़ गई है. इसकी वजह वर्ल्ड बैंक का वह निर्णय है, जिसमें उसने अपने कुल वार्षिक ऋण का 45 प्रतिशत हिस्सा जलवायु संबंधी परियोजनाओं पर खर्च करने का निर्धारित लक्ष्य वापस ले लिया है. यह लक्ष्य वर्ष 2023 में दुबई में आयोजित COP28 सम्मेलन के दौरान तय किया गया था.

Continue reading

Opinion : इंसान का सब्र छुट्टी पर चला गया है

व्हाट्सऐप ने संदेशों की रफ्तार बढ़ा दी, और इंसान का सब्र छुट्टी पर चला गया! इंतजार सहने की औकात खत्म कर दी. एक जमाना था जब कॉलेजों में नोटिस बोर्ड ही हमारी "नोटिफिकेशन" हुआ करता था. बच्चे दिन में एक-दो बार उसे देख लेते थे और फिर आराम से अपनी पढ़ाई में लग जाते थे.

Continue reading

स्त्री को देवी मानना बंद कीजिए !

पत्नी द्वारा पति की या किसी युवती द्वारा अपने प्रेमी के साथ मिल कर मंगेतर की हत्या या हत्या के प्रयास की हाल में सामने आईं घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं! मगर इन चंद घटनाओं के आधार पर इसे महिलाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति, नारी सुलभ भावनाओं में कमी के रूप में देखना जल्दबाजी का निष्कर्ष है. ऐसा इसलिए कि हमने महिला को ‘देवी’ का दर्जा दे दिया और भूल गये कि वह भी एक सामान्य इंसान है! स्त्री हो या पुरूष दोनों में एक समान भावनाएं, अच्छाई और बुराई हो सकती है. समाज के बदलते हालात के साथ उसमें भी अच्छा या नकारात्मक बदलाव हो सकता है!

Continue reading

पुलिस पीएम-सीएम की नौकर नहीं

यह फैसला इतना बड़ा क्यों है? आज के भारत में, जहां असहमति को देशद्रोह कहा जाता है. जहां विरोध प्रदर्शन पर UAPA लगाया जाता है. जहां "BJP मुर्दाबाद" कहने पर जिला बदर किया जाता है. एक जज ने खड़े होकर कहा, नागरिक गुलाम नहीं हैं. पुलिस प्रधानमंत्री की नौकर नहीं है. विरोध करना अधिकार है. यह फैसला नजीर है. क्योंकि जब अदालतें जागती हैं, तो लोकतंत्र सांस लेता है.

Continue reading

Opinion : चुप रहिए या मजा चखने के लिए तैयार

बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस माधव जामदार ने एक मामले की सुनवाई के दौरान जो कहा, वह देश के लोकतंत्र, ब्यूरोक्रेसी की सच्चाई को उजागर करता है. उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है. वे विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, वे आंदोलन नहीं कर सकते, यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हो गए हैं. अगर लोग विरोध करें, तो आप केस दर्ज कर देंगे... यह क्या है? विरोध करना नागरिकों का अधिकार है.

Continue reading

हिमांशु सिंह आज हमारे बीच नहीं हैं, पुलिस के सामने हुई हत्या से वर्दी पर लगे दाग कैसे धुलेंगे?

जमशेदपुर के करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह आज हमारे बीच नहीं रहे. उनके एक साथी भी गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं. आरोप है कि कुछ अज्ञात लोगों ने पीसीआर वैन और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हिमांशु सिंह और उनके साथी पर चाकू से हमला किया, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही.

Continue reading

क्या यह झारखंड पुलिस के इकबाल के अंत की शुरुआत है!

हिमांशु की मौत से लोग आक्रोशित हैं. तीन पुलिसवाले निलंबित कर दिये गये हैं. कुछ दिन बाद बहाल हो जाएंगे. लोग भी शांत हो जाएंगे. जमशेदपुर शहर सामान्य भी हो जायेगा, लेकिन पुलिस के प्रति लोगों का जो विश्वास टूटा है, उसका क्या होगा?

Continue reading

ऊपर से तो दिल मिला भीतर फांके तीन

पिछले छह महीने से आभासी दुनिया के लाल बुझक्कड़ झारखंड में तख्ता पलट करा रहे हैं. 18 जून से इस अटकलबाजी की रफ्तार तेज हो गयी है. इसकी वजह है राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की पराजय. जाहिर है यह पराजय सत्तारूढ़ गंठबंधन के विधायकों की दगाबाजी की वजह से हुई है. प्रणव झा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं में शुमार हैं. वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कार्यालय संभालते हैं. उनको हारना नहीं चाहिए था क्योंकि सरकारी पक्ष के पास राज्य की दोनों सीटें जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल था.

Continue reading
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही