काटे चाटे स्वान के दोउ भांति विपरीत
सूंघने का काम तो हम पत्रकार भी करते हैं. महत्वपूर्ण विस्फोटक खबरें उन्हीं पत्रकारों को मिलती हैं जिनके पास घ्राण शक्ति होता है. लेकिन हम अपनी जरुरत के हिसाब से न्यूज में व्यूज मिलाकर सब गुड़ गोबर कर देते हैं. सूंघने की शक्ति तो फालतू कुत्तों के पास भी होती है. लेकिन वे पाला बदलू-दरबदलू नेताओं की तरह होते हैं. इसलिए उन पर कोई विश्वास नहीं करता है. विश्वास जमाने के लिए नीतियों, सिद्धांतों और आदर्शों के प्रति संकल्पबद्ध रहना पड़ता है. ऐसा नहीं कि जो भी टुकड़ा फेंक दे, लपक लें और उसी का हो जायें.
Continue reading

