Search

ओपिनियन

PESA नियमावली 2025 (2) : पारंपरिक गांवों की सीमाएं और आदिवासी स्वशासन पर संकट

पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 (PESA नियमावली 2025) के कुछ प्रावधानों को लेकर आदिवासी समाज और सामाजिक चिंतकों में गहरी चिंता उभरकर सामने आ रही है. नियमावली के नियम 2(छ), 3, 4, 5 तथा प्रपत्र 1 और प्रपत्र 2 के तहत जिला उपायुक्त को पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में मौजूदा राजस्व गांवों के टोलों से अलग ग्राम सभा और नए गांव बनाने से जुड़े दावों पर विचार करने, उन्हें मान्यता देने और उनकी सीमाएं तय करने का अधिकार दिया गया है.

Continue reading

किनको और किनके खिलाफ उकसा रहे हैं डोभाल?

यह आशंका (जैसा की कई लोग जता रहे हैं) अकारण नहीं है कि आनेवाले दिनों में सांप्रदायिक उपद्रव- बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काने की कोई योजना तो नहीं बन चुकी है! ‘विकास’ के दावे फेल! तीसरी या चौथी अर्थव्यवस्था बन जाने का गर्व नाकाम? बस (हिंदुओं का) ‘खून खौलाने’ के प्रोजेक्ट से ही सत्ता में बने रहने और दूरगामी लक्ष्य (हिंदू राष्ट्र) को हासिल करने की तैयारी! क्या पता! ... है तो कुछ भी मुमकिन है.

Continue reading

PESA नियमावली 2025 (1): आदिवासी स्वशासन को सशक्त करने या परंपराओं को कमजोर करने की पहल?

झारखंड सरकार द्वारा अधिसूचित पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 (PESA नियमावली 2025) को पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है. लेकिन इसके कुछ प्रावधान ऐसे हैं, जो पारंपरिक आदिवासी ग्राम व्यवस्था, सामाजिक संरचना और सदियों से चली आ रही नेतृत्व प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं.

Continue reading

शीशे की अदालत में पत्थर की गवाही

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस अपहरण को गिरफ्तारी बता रहे हैं. लेकिन वह यह नहीं बता पा रहे हैं, ना बता पायेंगे कि यह अधिकार उन्हें मिला कैसे है? उनका कहना है कि मादुरो ने बेनेजुएला में संपन्न हुए चुनाव को हाईजैक कर लिया था और राष्ट्रपति पद पर कब्जा कर लिया था. अगर उनकी यह दलील मान भी ली जाये तब भी क्या वह दुनिया के बादशाह हैं या अंतरराष्ट्रीय डॉन जो किसी भी देश के आंतरिक मामले में सैन्य घुसपैठ के लिए स्वतंत्र हैं?

Continue reading

पुण्यतिथि विशेष : झारखंड अलग राज्य की निर्णायक लड़ाई के अहम नायक थे जस्टिस एलपीएन शाहदेव

झारखंड आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, प्रखर न्यायविद और सामाजिक न्याय के पक्षधर जस्टिस लाल पिंगला नाथ शाहदेव की आज 14वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है.

Continue reading

बीएमसी चुनाव : बिना वोटिंग सत्तासीन दल के 68 जीते, लोकतंत्र जिंदाबाद!

यह सब सामने आया है दो जनवरी को, जब नामांकन वापसी की अंतिम तारीख थी. यानी वोट चोरी तो दूर की बात है यहां तो उम्मीदवार ही चुरा लिया गए हैं. और इसके लिए साम दाम दंड भेद जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया है. जिसमें बीजेपी पारंगत है,

Continue reading

वाट्सएप ग्रुप बनाकर कार्टल बनाया और 8 साल तक लोगों को लूटती रही स्टील कंपनियां

क्या आपको पता है कि भारत की स्टील कंपनियों ने देश के लोगों को कई सालों तक लूटने का काम किया. उत्पादन को नियंत्रित कर स्टील को महंगा बेचा. कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व व अधिकारी वाट्सएप ग्रुप पर एक-दूसरे के संपर्क में रहे.

Continue reading

नया साल, पर वही हाल फिर

कुल मिलाकर यदि भाजपा असम बचा लेती है और बंगाल जीत लेती है तो उसका ग्राफ और बढ़ जाएगा. केरल, तमिलनाडु में वह कुछ पाने की हैसियत में नहीं है. लेकिन यदि वह असम हार जाती है और बंगाल में खेत रह जाती है, तो बदलाव की एक बयार बह सकती है जो 2027 से 2028 होते हुए 2029 के आम चुनाव तक कायम रह सकती है बशर्ते विपक्ष फालतू मुद्दों के बदले जनता के मुद्दों के साथ उनके बीच जाये.

Continue reading

झारखंड में मानवाधिकार संकट : सम्मानजनक जीवन जीने से आज भी वंचित हैं ग्रामीण

झारखंड में मानवाधिकार का सवाल आज केवल कानूनी बहस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आम लोगों की दिनचर्या से गहराई से जुड़ चुका है

Continue reading

निकोलस मादुरो अपराधी नहीं हैं!

निकोलस मादुरो अपराधी नहीं, वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं! अमेरिका की जेल में रहते हुए भी. डोनाल्ड ट्रंप ने एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति का अपहरण करवा कर अपराध किया है! अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार भी यह (किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को बंदी बनाना) एक दंडनीय अपराध है.

Continue reading

अमेरिका जो बार-बार कह रहा है, भारत सरकार चुप है, यह शर्मनाक है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 से अधिक बार कहा कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध को खत्म कराया. व्यापार रोकने की धमकी देकर. प्रधानमंत्री मोदी ने कोई जवाब नहीं दिया और विदेश मंत्रालय चुप रहा. अब डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले कहा है

Continue reading

ताजमहल से हिकारत भी देशभक्ति है!

‘राष्ट्र कवि’ घोषित होने को आतुर एक कवि, जो इन दिनों कथावाचक के रूप में अधिक दिखते हैं, ने ताजमहल को ‘सफेद रंग का कब्रिस्तान’ कहा है! कहा- लोग अब उस ‘कब्रिस्तान’ की जगह अयोध्या जा रहे हैं, देश बदल रहा है! पता नहीं राजघाट स्थित गांधी की समाधि को वे क्या मानते हैं, जहां मोदी जी भी साल में कम से कम दो बार, भारी मन से ही सही, सर झुकाने जाते हैं!

Continue reading

‘सफदर हाशमी’ जिंदा है

एक जनवरी 1989 को नुक्कड़ नाटक करते हुए सफदर हाशमी पर गुंडों ने हमला किया. माना जाता है कि गुंडे कांग्रेस पार्टी के थे. उस घटना के 14 साल बाद गाजियाबाद की एक अदालत ने 10 लोगों को हत्या के मामले में आरोपी करार दिया, उनमें कांग्रेस के सदस्य 'मुकेश शर्मा' का भी नाम शामिल था.

Continue reading

शेख हसीना को शरण- वाह, वाह, क्रिकेटर को खरीदा तो आह निकलने लगी

शाहरुख खान और उनकी टीम केकेआर ने बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को एक सीजन के लिए खरीदा. और रातों-रात शाहरूख खान और उनकी टीम केकेआर देश के लिए विलेन बन गये. बंग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा का हवाला देकर एक वर्ग शाहरूख खान के खिलाफ आग उगलने में लगा है. ये वही लोग हैं, जिन्होंने तब कुछ नहीं बोला, जब बंग्लादेश से निर्वासित वहां के प्रधानमंत्री शेख हसीना को गुपचुप तरीके से भारत में शरण दिया गया.

Continue reading
Follow us on WhatsApp