वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी - कहां से शुरू, कहां खत्म
मतदाता सूची से संबंधित राहुल गांधी के खुलासों से जली-भुनी भाजपा ने सोनिया गांधी के वोटर कार्ड का चार दशक से ज्यादा पुराना मामला जिन्दा कर दिया है.
Continue readingमतदाता सूची से संबंधित राहुल गांधी के खुलासों से जली-भुनी भाजपा ने सोनिया गांधी के वोटर कार्ड का चार दशक से ज्यादा पुराना मामला जिन्दा कर दिया है.
Continue readingपौधे की नियमित देखभाल करते हैं, ताकि वह जल्द बड़ा हो, हरा-भरा रहे, इसलिए जड़ में खाद-पानी डालना पड़ता है. यह उस की परवाह करना कहा जाता है. यदि आप उसकी परवाह करते हैं तो निश्चित रूप से पौधा हरा रहेगा और अपनी हरियाली से अपनी खुशबू से तथा यदि फलदार है तो जब अपने स्वरूप में आएगा आपको आंतरिक खुशी होगी
Continue readingमोदी की पहली शपथ के साथ अजीत डोवाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने. मौजूदा सरकार में वे पीएम के बाद सबसे वरिष्ठ चेहरा है. गृह, रक्षा, विदेश मंत्री आते-जाते रहे. पर अजीत डोवाल NSA के पद पर लगातार बने हुए हैं.
Continue readingसुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया है कि आठ दिन के अंदर दिल्ली के सभी ‘आवारा’ कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों से हटा दिया जाये. शेल्टर होम बना कर कुत्तों को उनमें रखा जाये!
Continue readingयह बात भी सही है कि इथनॉल बनाने वाली दूसरी कंपनियों को भी बड़ा फायदा हुआ. तेल कंपनियों को भी लाखों करोड़ का फायदा हुआ. लेकिन आम लोगों को क्या मिला. भारी नुकसान और झुंझलाहट.
Continue readingदरअसल ट्रंप को शांति का नोबेल चाहिए. इसके लिए वह दुनिया भर में झगड़े और युद्ध रुकवाने का श्रेय लेना चाहते हैं. इजरायल और पाकिस्तान ने इसके लिए सिफारिशी पत्र लिख दिया है, लेकिन भारत ने ट्रंप की चालबाजी फुस्स कर दी है. उसने भारत-पाक के बीच चार दिनों का संघर्ष रुकवाने के श्रेय लेना चाहा. उसने ट्रेड डील का हवाला देकर संघर्ष विराम कराने का तमगा लेने की लगातार कोशिश की, लेकिन भारत ने साफ-साफ कह दिया कि संघर्ष विराम के लिए दुनिया के किसी भी देश ने पेशकश नहीं की. ट्रंप चाहते तो यह थे कि उनके बयान पर मोदी कम से कम चुप्पी साध लें, लेकिन प्रधानमंत्री ने लोकसभा में वस्तुस्थित स्पष्ट कर दी.
Continue readingहेमंत सोरेन. कल्पना सोरेन. एक मुख्यमंत्री. दूसरी विधायक. इन दोनों की तस्वीरें, वीडियोज, मीम्स, रील्स आप सोशल मीडिया पर लगातार देख रहे होंगे. हेमंत, दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के द्वितीय पुत्र हैं और कल्पना दिशोम गुरु की द्वितीय बहू.
Continue readingकमाल है. सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कह रहा है- यह किसी नियम में नहीं लिखा है कि उन्हें ड्राफ्ट रोल दिखाना पड़े कि किस नियम के तहत किस वोटर का नाम मतदाता सूची से हटाया गया.
Continue readingआपने अक्सर कहीं ना कहीं सुना होगा. महसूस किया होगा. झेला होगा. पहली यह कि आम लोग, खासकर मीडिल क्लास टैक्स की मार से मरता जा रहा है. जमीन में ढ़ंसता जा रहा है. बचत सूख गया है और दूसरी बात जो आपसे कम लोग बताते हैं या यूं कहें कम लोग जानते हैं, वह यह कि भारत के अमीर नगदी (कैश) के पहाड़ (रिकॉर्ड बचत) पर बैठे हैं. एक बार और सुनते हैं कि पैसे वालों के टैक्स से गरीबों को मुफ्त में रेवड़ी मिलता है. आज की तारीख में इससे बड़ा झूठ कुछ नहीं है.
Continue readingअपराध और आपराधिक प्रवृतियों को रोकने के लिए हमारे वेदों-पुराणों में भी उल्लेख किया गया है. यहां तक कि किस अपराध और किस अपराधी को किस तरह का दंड दिया जाए, इसका भी वर्णन किया गया है.
Continue readingबर्फबारी कुछ दिन बाद रुकी. सीजफायर हो चुका था, मगर बर्फ की मोटी तह हो चुकी थी. सारे निशान मिट चुके थे. पूरे तीन माह के बाद बाद जब बर्फ पिघली, इनकी तलाश शुरू हुई. एक चरवाहे को पहाड़ी पर लाशों का ढेर दिखा.
Continue readingबहुत वक्त नहीं बीते हैं. टीवी चैनलों पर आपको बताया जा रहा था - केजरीवाल भ्रष्ट है. मनीष सिसोदिया भ्रष्ट है, सत्येंद्र जैन चोर है. हर रोज बहस होती थी. चिल्लम-चिल्ली, गाली-गलौज वाली भाषा. दिल्ली में केजरीवाल की पार्टी हार गई. भाजपा जीत गई. भाजपा की सरकार बन गई है. पर, दो दिन पहले यह पता चला कि सत्येंद्र जैन चोर नहीं हैं.
Continue readingवैसे तो राहुल महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में आयोग की पक्षधरता से पहले ही खफा थे, उपर से बिहार में सघन मतदाता पुनरीक्षण जैसी कार्यवाही से उनकी भृकुटि तन गई है. इसलिए वह निर्वाचन आयोग नामक विषाणु को सदा सर्वदा के लिए खत्म कर देना चाहते हैं ताकि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की जा सके. न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी.
Continue readingशिबू सोरेन, जिन्हें 'दिशोम गुरु' के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय राजनीति में एक ऐसे व्यक्तित्व हैं. जिन्होंने झारखंड के आदिवासी समुदाय के उत्थान और उनके अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया.
Continue readingगोरखपुर के सांसद रविकिशन इन दिनों चर्चा में हैं. चर्चा में इसलिए हैं क्योंकि लोकसभा में उन्होंने सवाल पूछा और इस बात पर दुख जाहिर किया कि गोरखपुर समेत देश भर में समोसे का साइज एक जैसा क्यों नहीं है! उनका यह सवाल वायरल हुआ. उनका वीडियो आपके मोबाइल पर भी तैर रहा होगा. बुद्धिजीवी वर्ग में इस बात पर चर्चा हो रही है कि रविकिशन ने पूछा भी तो क्या पूछा? क्या संसद में समोसे पर सवाल पूछने का कोई औचित्य है या फिर एक बड़े और लोकतंत्र के सबसे उंचे मंच, जहां गंभीर व आम लोगों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा होने चाहिए, उन्होंने बेहद हल्का बना दिया?
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