गणतंत्र की कसौटी पर झारखंड की राजनीती, राज्य गठन से 26 जनवरी 2026 तक का सफर
झारखंड राज्य का जन्म ही राजनीतिक संघर्ष की कोख से हुआ. अलग राज्य की मांग दशकों पुरानी थी, जिसकी जड़ें आदिवासी अस्मिता, प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार और क्षेत्रीय उपेक्षा में थीं. बिहार से अलग होकर बने इस राज्य से यह उम्मीद थी कि यहां की राजनीति स्थानीय आकांक्षाओं को प्राथमिकता देगी, आदिवासी समाज को निर्णायक भूमिका मिलेगी और विकास की दिशा दिल्ली या पटना नहीं, बल्कि रांची से तय होगी. लेकिन गणतंत्र की इन अपेक्षाओं को व्यवहार में उतारना इतना आसान नहीं रहा.
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