व्यंग ... और मुर्गे ने इस्तीफा दे दिया!
सभी स्वामीभक्तों को याद दिलाने के लिए (एसआरआर यानी सर, जी सर, जी, जी के संदर्भ में). एक पुरानी कहानी जो अचानक दो दिन से फिर से खूब याद की जा रही है. "एक आदमी एक मुर्गा खरीद कर लाया. एक दिन वह मुर्गे को मारना चाहता था, इसलिए उसने मुर्गे को मारने का बहाना सोचा और मुर्गे से कहा "तुम कल से बांग नहीं दोगे, नहीं तो मैं तुम्हें मार डालूंगा."
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