ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हमले : हमारे लिए सबक और कुछ सीखने का वक्त !
पिछले कुछ सालों में हमारे यहां भी एक बड़ा समूह आक्रामक तरीके से दूसरे देश के लोगों के खिलाफ बोल रहे हैं. धर्म के नाम पर हमले बढ़े हैं. कई बार सरकार व सरकार के लोग ऐसे लोगों के पक्ष में खड़े दिखते हैं. प्रधानमंत्री समेत अन्य नेता घुसपैठिया शब्द का इस्तेमाल करते हैं. दोनों देशों में ऐसे लोग यह मानते हैं कि बाहर से आये लोग ही उनकी हर समस्या के लिए जिम्मेदार हैं. बाहर से आये लोग उनके संसाधनों पर बोझ बन गए हैं. ऐसा सोचने वालों की संख्या पूरी दुनिया में बढ़ रही है. कई देशों की सरकारें ऐसी घटनाओं और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती है, जबकि कुछ देशों में इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है.
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