एक छद्म मसीहा के अध:पतन के अंतिम अध्याय का प्रारंभ!
अब तय है कि नीतीश जी राज्यसभा जा रहे हैं, संभवतः बिहार का सिंहासन भाजपा को सौंप कर! इसके साथ ही ‘सुशासन बाबू’, ‘विकास पुरुष’ आदि उपाधियों (वैसे उन पर चिपक गया ‘पलटूराम’ स्टिकर सबसे सटीक है) से नवाजे जाते रहे और कथित जंगल राज के खात्मे का श्रेय लूटते रहे. नीतीश कुमार का हासिल और योगदान यह है कि उनको पूरे देश को ‘दानव राज’ बनाने के अभियान को मजबूती देने का श्रेय दिया जाएगा! वे जिस जमात के साथ खड़े हैं, वह पूरी दुनिया पर ‘दानवी राज’ कायम करने में सहयोगी बनी हुई है!
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