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ओपिनियन

समाज का कर्म, समाज को ही भुगतना पड़ता है

हाल के दिनों में हम बार-बार डरावनी घटनाएं देख रहे हैं. एपस्टीन फाइल्स ने ताकतवर लोगों की अंधेरी सच्चाई खोल दी है. दूसरी तरफ रांची से लेकर दिल्ली की सड़कों पर महंगी गाड़ियां मासूम बच्चों को कुचल रही है. कहीं लैम्बोर्गिनी है. कहीं थार है. कहीं स्कार्पियो. हर बार मरता एक बच्चा है. कहीं बच्चा चोरी हो जा रहा. इन सब में मरता एक गरीब है. पर हर बार बचता सिर्फ एक ताकतवर है!

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पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अनछपी किताबः अग्निवीरों की अग्निपथ योजना का सच

..... आर्मी में हम लोग इस घटना से हैरान थे, लेकिन नेवी और एयर फोर्स के लिए, यह अचानक आई एक बड़ी मुसीबत (it came like a bolt from the blue) की तरह था. मुझे दूसरे प्रमुखों को यह समझाने में समय लगा कि मेरा प्रस्ताव सिर्फ सेना पर केंद्रित था और जो सब हुआ उससे मैं उतना ही हैरान था और उन्हें यह समझने में थोड़ा टाइम लगा कि वे भी उस नए प्रस्ताव का हिस्सा थे, जिसे पीएमओ ने 'अग्निपथ योजना' नाम दिया था. अब इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों, नाविकों और एयरमैन को 'अग्निवीर' कहा जाएगा......

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देख रहे हो विनोद, मुल्क में ये क्या हो रहा है

भाजपा केरल में कांग्रेस को हरा पाने की स्थिति में नहीं है. वहां मुकाबला मुख्यतः कांग्रेस और वाम मोर्चा में ही होगा. लेकिन भाजपा मजबूत हुई है और अलग-अलग समूहों में सेंधमारी का जुगाड़ बैठा रही है. ऐसी स्थिति में थरुर जैसे प्रभावशाली नेता को खुला छोड़ देना कांग्रेस की सेहत के लिए मुफीद नहीं होगा. इसलिए खड़गे और राहुल के साथ थरुर की बंद कमरे में बैठक करायी गयी. इसी के बाद थरुर को बजट पर बहस के लिए आगे किया गया.

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पुस्तक-समीक्षा : सखी, ये हमसे कह कर तो जाते!

जैसा लेखिका ने ‘अपनी बात’ में लिखा है- ‘..इस अंक में शामिल सारी कहानियां मेरे आस-पास के लोगों की जिंदगियों की दास्तान हैं..’ इन कहानियों से गुजरते हुए पाठक भी महसूस करेंगे कि हम सबके आस पास ऐसी कहानियां होती हैं. कहानीकार बस अपनी कला से कागज पर उन्हें दर्ज कर देते हैं और वे हमारे सामने आ जाती हैं.

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जब पद सुरक्षा कवच है, हथियार और साधन भी

विदेश सेवा के एक रिटायर अधिकारी (हरदीप पुरी) ने जो किया या नहीं किया या जो नहीं करने का दावा कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सिर्फ मिलना 'अपराध' नहीं है, इसे तब माना जाता जब वे इसकी ‘सजा’ खुद स्वीकार कर लिए होते. इस्तीफा जैसा नैतिक कर्तव्य किया होता. लेकिन तब दाग धोने के लिए हथियार और साधन नहीं मिलते.

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जेफरी एप्सटीन : हमारे लोग अच्छे आदमी हैं, वे दिन वाले कस्टमर थे

रात में जो दूसरी किस्म की दलाली करते थे, उसके कस्टमर अलग थे. हमारे नेता लोग अच्छे आदमी हैं. वे दिन वाले कस्टमर थे. रात के नहीं. विद्या कसम.

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'कई चांद थे सरे आसमां' : हिन्दुस्तान के एक विशेष कालखंड की रोचक दास्तान

2010 में पहली बार प्रकाशित (हिंदी अनुवाद) हो चुके इस बहुचर्चित और बहुप्रशंसित उपन्यास की अब समीक्षा करने का कोई मतलब नहीं है. न ही मैं खुद को उस लायक समझता हूं. फिर भी इस मोटी पुस्तक (754 पेज) को पढ़ लेने के बाद लगा कि इसके बारे में लिखना चाहिए, शायद साहित्य और इतिहास में रुचि रखने वाले कुछ और लोग प्रेरित हों.

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किताब-किताब खेलने का हश्र

संसद के बजट सत्र का पहला अध्याय संपन्न हो गया. यानी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया. राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने के बाद और लोकसभा में बिना उनके बोले.

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रूसी तेल के नये समीकरण से किसका फायदा?

रूस ने भारत की जगह चीन को अपना सबसे बड़ा तेल खरीदार बना लिया है. और यह रिकॉर्ड तेजी से रिकार्ड स्तर पर हुआ है. चीन ने रूस से 18.6 लाख बैरल प्रतिदिन समुद्री रास्ते से कच्चा तेल खरीदा.

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बेतुका और आपत्तिजनक

एक फिल्म ‘घूसखोर पंडत' चर्चा और विवादों में है. नाम से जाहिर है कि फिल्म किसी जन्मना ब्राह्मण किरदार पर केंद्रित है. स्वाभाविक ही ब्राह्मण समुदाय नाराज और आहत महसूस कर रहा है. जानकारी के मुताबिक कहानी मुंबई के किसी वास्तविक घूसखोर पर बनी है, जिसे सजा भी हुई थी,

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एप्स्टीन Files, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, नये खुलासे और उठते सवाल

हरदीप पुरी ने इसे एक सामान्य मेल के रूप में नहीं लिया. उन्होंने एप्स्टीन के सहयोगी को वीजा दिलवाने के लिए अपनी सारी हदें पार कर दी! उन्होंने रिटायर्ड राजदूत प्रमोद कुमार बजाज और न्यूयॉर्क में एक संजीव नामक व्यक्ति को ईमेल किया और उन्हें एप्स्टीन की मदद करने का निर्देश दिया. पूर्व राजदूत प्रमोद बजाज ने बात मान ली.

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भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता : मुक्त और निष्पक्ष व्यापार के प्रति प्रतिबद्धता

भारत का यूरोप के साथ 250 ईसा पूर्व से एक समृद्ध व्यापारिक संबंध रहा है, जो सिल्क रोड से भी पहले की अवधि है. अगले 2000 वर्षों के अधिकांश हिस्से के दौरान, भारतीय मसलिन, कपास, हस्तशिल्प, मसाले, पन्ना और रत्न अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की सबसे पसंदीदा वस्तुओं में शुमार होते थे, जिनमें से अधिकांश यूरोप तक पहुंचती थीं.

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एप्सटीन फाइल्स: सत्ता, सेक्स और नैतिकता

कुछ छोटे बच्चों को टॉर्चर करते थे, क्योंकि बेहद तनाव की स्थिति में बच्चों के शरीर में Adrenochrome जैसा कैमिकल बनता है, जिसे पीकर जवान बने रह सकते हैं. अभी ये कहना संभव नहीं है कि इनमें से कितने लोग इन सभी अपराधों के बारे में जानते थे या उसमें शामिल थे. लेकिन इतना तय है कि इनमें से लगभग सभी अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए एप्सटीन के टापू पर जाते थे.

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सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक - कारवां मैग्जीन में छपी रिपोर्ट का हिन्दी अनुवाद पढ़ें

लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी, जो भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के प्रमुख थे, को 31 अगस्त 2020 की रात 8:15 बजे एक फोन कॉल मिला. जो जानकारी उन्हें मिली, वह बेहद चिंताजनक थी. चार चीनी टैंक, पैदल सेना के समर्थन के साथ, पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर एक खड़ी पहाड़ी पगडंडी से ऊपर बढ़ रहे थे. जोशी ने तुरंत इस गतिविधि की सूचना सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को दी.

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सरकार की लगाई आग पर सुप्रीम कोर्ट का पानी

यह मानने का कोई आधार नहीं है कि यूजीसी ने सरकार को बिना बताये-दिखाये एक ऐसा विनियम जारी कर दिया जिससे देश में आग लगने की स्थिति पैदा होने लगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने संविधान प्रदत्त अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर देश को जलने से बचा लिया है.

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