BBC 100 Women 2024 : भारत की सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, अंतिम संस्कार कराने वाली पूजा शर्मा और विनेश फोगाट को मिली जगह Lagatar News Network : बीबीसी ने वर्ष 2024 के लिए समाज के लिए प्रेरणाश्रोत बनने वाली दुनिया भर की प्रतिभाशाली 100 महिलाओं की सूची जारी कर दी है. इस सूची में भारत की समाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, दिल्ली में लावारिश शवों का अंतिम संस्कार कराने वाली महिला के रूप में पहचान बनाने वाली पूजा शर्मा और कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट शामिल है. सूची जारी करते हुए बीबीसी ने कहा है कि वह दुनिया भर की 100 महिलाओं की कोशिशों से समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को स्वीकार करती है और सम्मान करती है, जिन्होंने समाज में बदलाव के प्रयास की और उन बदलावों के लिए दृढ़ संकल्प रहीं. बीबीसी ने आगे कहा कि वह अपने आसापास की दुनिया को बदल रही है. जारी सूची में पर्यावरण कार्यकर्ता, संस्कृति व शिक्षा, मनोरंजन व खेल, राजनीति व एडवोकेसी, विज्ञान और स्वास्थ्य एवं तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाली दुनिया भर की 100 महिलाओं को शामिल किया गया है.
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alt="" width="272" height="181" /> पिछले तीन वर्षों से पूजा शर्मा दिल्ली में लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर रही हैं. उन्हें यह कार्य करने की प्रेरणा अपने व्यक्तिगत अनुभव से मिली, जब उनके भाई की हत्या हो गयी थी और उसके अंतिम संस्कार के लिए किसी ने सहायता नहीं की. जब पूजा शर्मा ने यह श्रमस्वीकृत कार्य आरंभ किया, तो उन्हें पुजारियों और समाज के अन्य लोगों से काफी विरोध का सामना करना पड़ा, क्योंकि हिंदू धर्म में आमतौर पर अंतिम संस्कार का कार्य पुरुष करते हैं. इस विरोध के बावजूद, पूजा शर्मा अब तक विभिन्न धर्मों और आस्थाओं से जुड़े चार हजार से अधिक लोगों का अंतिम संस्कार कर चुकी हैं. वह अपने कार्य को सोशल मीडिया पर साझा करती हैं. पूजा का मानना है कि जिनका निधन हो चुका है, उन्हें मृत्यु के बाद पूरे सम्मान के साथ विदाई दी जानी चाहिए, क्योंकि वे इसके हकदार होते हैं.
अरूणा रॉय ने करियर छोड़ गरीबों के अधिकारों की लड़ाई शुरू की
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व्यक्तिगत अनुभव के बाद लवारिस शवों का अंतिम संस्कार कराने लगी पूजा शर्मा
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alt="" width="272" height="181" /> पिछले तीन वर्षों से पूजा शर्मा दिल्ली में लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर रही हैं. उन्हें यह कार्य करने की प्रेरणा अपने व्यक्तिगत अनुभव से मिली, जब उनके भाई की हत्या हो गयी थी और उसके अंतिम संस्कार के लिए किसी ने सहायता नहीं की. जब पूजा शर्मा ने यह श्रमस्वीकृत कार्य आरंभ किया, तो उन्हें पुजारियों और समाज के अन्य लोगों से काफी विरोध का सामना करना पड़ा, क्योंकि हिंदू धर्म में आमतौर पर अंतिम संस्कार का कार्य पुरुष करते हैं. इस विरोध के बावजूद, पूजा शर्मा अब तक विभिन्न धर्मों और आस्थाओं से जुड़े चार हजार से अधिक लोगों का अंतिम संस्कार कर चुकी हैं. वह अपने कार्य को सोशल मीडिया पर साझा करती हैं. पूजा का मानना है कि जिनका निधन हो चुका है, उन्हें मृत्यु के बाद पूरे सम्मान के साथ विदाई दी जानी चाहिए, क्योंकि वे इसके हकदार होते हैं.
दुनिया की 100 प्रतिभाशाली महिलाओं की लिस्ट में कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट का भी नाम
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