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Chandil : सभी विस्थापितों को संपूर्ण पुनर्वास की सुविधा मुहैया कराए विभाग- मंच

Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल बांध के 180 से 183 मीटर जल भंडारण से प्रभावित गांवों के विस्थापितों के लिए राशि निर्गत की जा रही है. विभाग का सर्वे आकलन और गणना गलत व विवादित है. विभागीय सर्वे के अनुसार 181 मीटर जल भंडारण तक डूबने वाले कई गांव अब तक नहीं डूबे हैं. ऐसे में बांध में जल भंडारण का आरएल का आधार मानक छोड़कर सभी 116 गांवों का विकास कार्य यथाशीघ्र शुरू किया जाना चाहिए. उक्त बातें अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच ने कही.

सकारात्मक कदम नहीं उठाने पर आंदोलन होगा: राकेश महतो

मंच के अध्यक्ष राकेश महतो ने कहा कि सुर्वणरेखा परियोजना कार्यालय आदित्यपुर, जमशेदपुर में प्रशासक को ज्ञापन सौंपकर विस्थापितों के न्याय के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि सात दिन के अंदर सकारात्मक कदम नहीं उठाने पर भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्यालय, स्वर्णरेखा परियोजना आदित्यपुर जमशेदपुर के समक्ष आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

सभी 116 गांवों के विस्थापितों को मिले सुविधा

सुवर्णरेखा परियोजना के चांडिल बांध प्रक्षेत्र के 183 मीटर तक जल भंडारण से प्रभावित गांवों के विस्थापितों ने विभाग द्वारा निकाले गए विज्ञप्ति के आधार पर पुनर्वास से संबंधित लगभग 3000 दावे, आपत्ति व आवेदन 31 दिसंबर 2023 तक जमा किया था. इन दावा, आपत्ति व आवदेनों पर किसी प्रकार की कार्रवाई किए बगैर अब किस आधार पर 180 से 183 मीटर तक जल भंडारण से प्रभावित गांवों के लिए राशि निर्गत की जा रही है. उन्होंने कहा कि आरएल 180 से 183 मीटर तक ही विकास कार्य करने का विभागीय आदेश को निरस्त करते हुए 116 गांव का संपूर्ण पुनर्वास सुविधा मुहैया कराया जाए. 183 मीटर तक जल भंडारण करने से 180 मीटर के नीचे का गांव भी प्रभावित होगा जिसका विकास कार्य रोक दिया गया है.

पानी लेने वाली कंपनियों में हो विस्थापितों का नियोजन

चांडिल बांध के विस्थापित परिवारों को स्वरोजगार का अनुदान राशि भी निर्गत कर दिया गया है पर आज तक विस्थापितों को किसी भी तरह का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है. सभी पुनर्वास केंद्रों में स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण देकर बेरोजगार विस्थापितों को रोजगार से जोड़ा जाए. वहीं नियोजन से वंचित चांडिल डैम के विस्थापित परिवारों को चांडिल डैम का जल इस्तेमाल करने वाले सभी कंपनियों में अपनी योग्यता अनुसार 30 प्रतिशत आरक्षण कर सीधा स्थायी नियुक्ति की जाए. राज्य में खतियान आधारित स्थानीय नीति बनाने का बिल बनाया जा रहा है. कई गांव के खतियान पानी में डूबा है ऐसी स्थिति में चांडिल डैम विस्थापितों का क्या होगा? ऐसे में परिवार के सभी सदस्यों का नाम विकास पुस्तिका में जोड़कर उनके अस्तित्व को बचाया जा सकता है. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-to-prevent-water-borne-diseases-mangal-chandra-mahato-took-up-the-responsibility-of-cleaning-the-tank/">Chandil

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