Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

डेनमार्क में मोदी की अपील- हर भारतीय 5 विदेशी दोस्तों को भारत दर्शन के लिए भेजें, आप राष्ट्रदूत बनें

Advertisement
Advertisement
Copenhagen : डेनमार्क दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोपेनहेगन के बेला सेंटर में डेनमार्क में रह रहे भारतीयों को संबोधित किया. भारत के पर्यटन पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि क्या आप अपने पांच गैर-भारतीय दोस्तों को हिंदुस्तान देखने के लिए भेज सकते हैं. उन्हें समझाइए कि हमारे यहां तमिलनाडु में ये है, बंगाल में ये है, ओडिशा में ये है. आपको पता है कि आप कितने ताकतवर बन जाओगे. फिर ये मत कहना कि वहां डायरेक्ट फ्लाइट नहीं आयी. रोना-धोना करने वालों का यह काम नहीं है. एक जमाना था, जब हवाई यात्राएं नहीं थीं. मेरा देश ऐसा था कि लोग पैदल चलकर मेरे देश आए हैं. ये काम राजदूत का नहीं है, राष्ट्रदूतों का है. राजदूत एक होता है, राष्ट्रदूत लाखों की संख्या में होते हैं. इस मौके पर मंच पर उनके साथ डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन भी मौजूद थी. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/ff1.jpg"

alt="" width="512" height="384" />

स्टार्ट अप पर बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा पहनावा खान पान भले ही अलग-अलग हों, लेकिन हमारी वैल्यू-कोएक्जिसटेंस एक जैसी हैं. यही हमारी ताकत है. कहा कि भारत ने लगभग 75 महीने पहले हमने स्टार्ट अप इंडिया कार्यक्रम शुरू किया था. तब स्टार्ट अप इकोसिस्टम के रूप में हमारी गिनती कहीं नहीं होती थी. आज हम यूनिकॉर्न्स के मामले में दुनिया में नंबर-3 पर हैं. आज स्टार्ट अप के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम हिंदुस्तान है.

 भारत की ताकत जब बढ़ती है तो दुनिया की ताकत बढ़ती है

मोदी ने कहा कि भारत की ताकत जब बढ़ती है तो दुनिया की ताकत बढ़ती है. फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड की भूमिका में भारत ने मुश्किल समय में पूरी दुनिया का साथ दिया है. अनेकों देशों को दवाइयां भेजी हैं, ताकि हम संकट के समय मानवता के इस काम में पीछे न रह जाएं और दुनिया की मदद करते रहें.

`मोदी-मोदी करने से नहीं हो रहा क्लाइमेट एक्शन सफल`

मोदी बोले, क्लाइमेट एक्शन अभी तो सफल होता नजर नहीं आ रहा है. कुछ इक्के दुक्के अपवाद कुछ कर पाते होंगे. लेकिन हम कर पा रहे हैं. इसका कारण यह है कि हम क्लाइमेट एक्शन को सरकारों की मल्टीलेटरल संस्थाओं की जिम्मेदारी के तौर पर देखते रहे हैं. जब तक समाज इसे पूरी तरह से स्वीकार न कर ले. मोदी-मोदी करने से नहीं होता है. ये इसलिए हो रहा है क्योंकि हर हिंदुस्तानी संकल्पबद्ध होकर खुद से जो हो सकता है, करता है. जब हर व्यक्ति इसे अपना दायित्व मानता है तो हम लक्ष्य से दूर नहीं रहते.

 हमारी वैल्यू-कोएक्जिसटेंस एक जैसी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा पहनावा खान पान भले ही अलग-अलग हों, लेकिन हमारी वैल्यू-कोएक्जिसटेंस एक जैसी हैं. यही हमारी ताकत है. जिनकी जड़ें किसी भी तरह से भारत मां से जुड़ी हैं, वे रूल ऑफ लॉ के प्रति सम्मान रखते ही हैं. एक भारतीय दुनिया में कहीं भी जाए, वह अपनी कर्मभूमि के लिए पूरी ईमानदारी से योगदान देता है. जब मेरी विदेशी नेताओं से मुलाकात होती है, तो वे मुझे अपने देश के भारतीयों की उपलब्धियों को शान से बताते हैं. वे भारतीयों के नेचर की सराहना करते थकते नहीं. आप लोगों के व्यवहार और संस्कार के मूल में है ये. इसलिए मुझे जो बधाइयां मिल रही हैं, वह मैं आपको समर्पित करता हूं. इसे भी पढ़ें –स्वास्थ्य">https://lagatar.in/the-fir-was-made-on-the-orders-of-the-health-minister-a-foolish-and-cowardly-act-saryu-rai/">स्वास्थ्य

मंत्री के आदेश पर कराई गई प्राथमिकी मूर्खतापूर्ण और कायराना हरकत : सरयू राय

मोदी ने डेनमार्क में भारतीयों का जताया आभार

हुए पीएम मोदी ने कहा, आप लोगों ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री का और मेरा यहां जो भव्य स्वागत किया, उसके लिए मैं आप सभी का बहुत आभारी हूं. आज प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन का यहां होना इस बात का प्रमाण है कि भारतीयों के प्रति उनके दिल में कितना प्यार और सम्मान है. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के कारण बहुत समय तक सभी की लाइफ एक तरह से वर्चुअल मोड में ही चल रही थी. पिछले साल जैसे ही आवाजाही मुमकिन हुई तो प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन पहली हेड ऑफ गवर्नेमेंट थीं, जिनका हमें भारत में स्वागत करने का अवसर मिला. ये भारत और डेनमार्क के मज़बूत होते संबंधों को दिखाता है.

नई ताकत मिलेगी, नई ऊर्जा मिलेगी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन की व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, उनकी वैल्यूज से प्रेरित है. आज उनके साथ मेरी जो चर्चा हुई है, उस से दोनों देशों के संबंधों को नई ताकत मिलेगी, नई ऊर्जा मिलेगी.  कोपेनहेगन में भारत-डेनमार्क बिजनेस फोरम के समापन के बाद पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की. इस दौरान भारतीयों में जबरदस्त उत्साह नजर आया.

हरित प्रौद्योगिकी में निवेश की अपार संभावनाएं

कोपेनहेगन में भारत-डेनमार्क बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी में निवेश की अपार संभावनाएं हैं. इसमें कोल्ड चेन, शिपिंग और पोर्ट जैसी चीजें भी अवसर प्रदान करती हैं. भारत अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पीएम-गति शक्ति पर काम कर रहा है. साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने भारत-डेनमार्क के टॉप बिजनेस लीडर्स से मुलाकात की. इसे भी पढ़ें – लोहरदगा">https://lagatar.in/jharkhand-news-big-news-from-lohardaga-burnt-body-of-young-man-and-girl-recovered/">लोहरदगा

से बड़ी खबरः युवक-युवती का जला हुआ शव बरामद
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही