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बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्यों के प्रशिक्षण शिविर में 14 जिलों के 24 प्रशिक्षु हुए शामिल

Ranchi : महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग झारखंड सरकार के तत्वावधान में झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था द्वारा बाल कल्याण समिति के नवचयनित अध्यक्ष एवं सदस्यों का 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को समापन हुआ. शिविर में किशोर न्याय कानून 2015, झारखंड नियम 2017 एवं मिशन वात्सल्य 2023 के प्रावधानों के अधीन कुशलतापूर्वक सर्वोत्तम बालहित में कार्यों को करने के संदर्भ में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम का आयोजन 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक रांची के हेहल स्थित राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (सई) में किया गया था.  प्रशिक्षण में 14 जिले के कुल 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.

बाल श्रम कानून, बाल विवाह प्रतिरोध कानून, बाल तस्करी से संबंधित कानून की जानकारी दी गयी 

प्रतिभागियों को किशोर न्याय कानून में निहित 12 कोटी के जरूरतमंद बच्चों के  (जिनकी उम्र 0-18 वर्ष (जिसने 18 वर्ष पूरे नहीं किये हों) हो) हितों की रक्षा के लिए वर्तमान में मौजूद कानून यथा बाल श्रम कानून, बाल विवाह प्रतिरोध कानून, पोक्सो एक्ट, बाल तस्करी से संबंधित कानून की जानकारी दी गयी.  इसके अलावा शिक्षा का अधिकार कानून एवं सीएनसीपी कोटी के बच्चों के हितार्थ मौजूद कानून के संदर्भ में प्रशिक्षियों को जानकारी दी गयी. साथ ही अनाथ, दिव्यांग, आपदा प्रभावित, नशीली दवाओं से प्रभावित, रोगग्रस्त बच्चों एवं विविध कोटी के संकटाग्रस्त बच्चों के रेस्क्यू, राहत, पुर्नवास एवं सामाजिक, आर्थिक उन्ययन, कौशल प्रशिक्षक तथा विविध सरकारी योजनाओं का लाभ एक छतरी के नीचे आईसीपीएस के प्रावधानों में दिये जाने से संबंधित जानकारी प्रशिक्षुओं को दी गयी.

समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  समिरा एस शामिल हुई

समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक सह सदस्य सचिव महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समिरा एस मौजूद थी. कार्यक्रम में उपसचिव विकास कुमार, सर्ड के अधिकारी रवि कुमार, कार्यक्रम प्रबंधक आभाश चौधरी, संरक्षण पदाधिकारी संस्थागत देख-रेख एवं सह प्रोग्राम ऑफिसर सरिता कुमारी मुख्य रूप से मौजूद थे. समापन समारोह में मुख्य अतिथि सचिव समिरा एस ने कहा कि आपलोग बाल हित में सर्वोतम कार्य करें, सोझ समझकर कानून के मुताबिक फैसले लें, क्योंकि आपकी समिति के एक कलम से किसी बच्चे का  वर्तमान और भविष्य निर्भर करता है. कार्य के दौरान सभी से को-ओडिनेट बनाकर चलें, जिला और राज्य आपके कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर कर सभी संबंधित सुविधाएं देने के लिए पूर्व की भांति तैयार है.    

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