Ranchi : पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पलामू जेल से इलाज के लिए रिम्स लाया गया है. दिनेश गोप का इलाज रिम्स के ट्रामा सेंटर में होगा. हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पायी है.
उल्लेखनीय है कि दिनेश गोप के हाथ में चोट लगी थी, जिसके बाद उनका ऑपरेशन हुआ था. इस दौरान कुछ न्यूरो से संबंधित मामले भी सामने आये थे. सबसे पहले दिनेश गोप के बेहतर इलाज के लिए रिम्स मेडिकल बोर्ड ने देवघर एम्स भेजने की अनुशंसा की थी.
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि न्यूरो सर्जन रिम्स में उपलब्ध हैं. इसलिए रिम्स में दिनेश गोप का बेहतर इलाज संभव है.
इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार को दिनेश गोप को बेहतर इलाज के लिए रिम्स में शिफ्ट करने का निर्देश दिया था. साथ ही इसको लेकर उठाये गये कदम की जानकारी देने को भी कहा था. इस मामले में अगली सुनवाई 27 मार्च को होनी है.
रांची से पलामू जेल किया गया था शिफ्ट
बता दें कि झारखंड पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम ने दिनेश गोप को नेपाल से मई 2023 में गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे रांची जेल भेज दिया गया था. लेकिन बीते साल 16 सितंबर को उसे रांची से पलामू जेल में शिफ्ट कर दिया गया था.
दरअसल दिनेश गोप रांची जेल में रहकर कारोबारियों से लेवी मांगने का काम कर रहा था. जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे दूसरे जेल में शिफ्ट करने का निर्णय लिया था.
दिनेश गोप पर झारखंड, बिहार व ओड़िशा में 102 से अधिक आपराधिक मामले हैं दर्ज
दिनेश गोप के खिलाफ झारखंड, बिहार और ओड़िशा में हत्या, अपहरण, धमकी, जबरन वसूली और पीएलएफआई के लिए धन जुटाने से संबंधित 102 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं.
झारखंड पुलिस ने दिनेश गोप पर 25 लाख और एनआईए ने पांच लाख यानी कुल 30 लाख का इनाम घोषित कर रखा था.
एनआईए ने 22 मई 2023 को दिनेश गोप को कोर्ट में पेश किया था और 14 दिनों की रिमांड की मांग की थी. हालांकि अदालत ने सिर्फ आठ दिनों की रिमांड की ही स्वीकृति दी थी. रिमांड के दौरान एनआईए ने दिनेश गोप की निशानदेही पर कई हथियार और गोलियां बरामद की थी.