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अनाज उपलब्ध नहीं कराया गया
उनकी शिकायत पर झारखंड खाद्य आयोग में वाद संख्या 07/2023 के तहत जांच चल रही है. भाजपा नेता रमेश हांसदा ने कहा कि विगत दिनों उन्होंने झारखंड खाद्य आयोग को दिसंबर महीना का प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाली चावल जिला में नहीं मिलने पर शिकायत की है. खाद्य आयोग की प्रथम दिन की सुनवाई दिनांक 22.3.2013 को हुई थी. प्रथम दिन की सुनवाई के आलोक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने पत्रांक 514 दिनांक 11.04.2013 के माध्यम से अपना प्रतिवेदन आयोग को समर्पित किया था, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया था कि अनाज उपलब्ध ही नहीं कराया गया जिस कारण वह चावल का वितरण नहीं कर सके. इसे भी पढ़ें :बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragora-why-did-polytechnic-student-anurag-kumar-commit-suicide/">बहरागोड़ा: पॉलिटेक्निक के छात्र अनुराग कुमार ने क्यों की आत्महत्या ?
सरासर प्रशासनिक लापरवाही
उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि विभाग की अनुमति प्राप्त होने पर चावल उपलब्ध होने पर वितरण किया जाएगा. जिला आपूर्ति पदाधिकारी के इस कथन को आयोग ने काफी गंभीरता से लिया और उसने कहा कि यह सरासर प्रशासनिक लापरवाही है और प्रशासनिक लापरवाही से लाभुकों को भुगतना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति को आयोग स्वीकार नहीं कर सकता. आयोग ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र पत्रांक 514 दिनांक 11.04.2013 को प्रधान सचिव /सचिव खाद्य एवं सर्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग को भेजते हुए उच्च स्तरीय जांच कर प्रतिवेदन आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने बताया कि पिछली सुनवाई में उन्होंने आयोग को बताया था कि जिला में कई प्रखंडों में चावल उपलब्ध नहीं कराया गया. तब आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया था कि एफसीआई द्वारा अनाज नहीं मिलने के कारण कटौती किया गया था. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-gumla-beat-ranchi-7-1-became-champion/">जमशेदपुर: गुमला ने रांची को 7-1 से हराया, बना चैंपियन
मामले को निष्पादित करने की मांग की
इस बयान को भी आयोग ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी की लापरवाही माना आयोग ने अपने अंतिम पंक्ति में लिखा कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी दिसंबर 2022 एवं जनवरी 2023 के एनएफएसए और दिसंबर 2022 केपीएमजीकेएवाई के लिए निर्गत आरओ एवं प्रत्येक आरओ के विरुद्ध किस-किस जीएसएफसी गोदाम के लिए एफसीआई से निर्गत अनाज की मात्रा एवं जेएसएफसी गोदाम में रिसिप्ट मात्रा का प्रतिवेदन आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. रमेश हांसदा ने कहां की केंद्र सरकार द्वारा लोगों को चावल दिया जा रहा है लेकिन प्रशासनिक पदाधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से चावल की कालाबाजारी हो रही है. उन्होंने बताया कि एक माह का चावल गायब होना मतलब 500 करोड़ रुपये के चावल की कालाबाजारी का यह मामला है. यह बड़ा घोटाला है. उन्होंने कहा कि आम लोगों को जागरूक हुए बिना पूर्ण रूप से इसका लाभ नहीं मिल सकता. उन्होंने आयोग को धन्यवाद देते हुए इस मामले को निष्पादित करने की मांग की. इसे भी पढ़ें :चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-motilal-mahatos-condition-critical-after-being-attacked-by-a-wild-elephant/">चाकुलिया: जंगली हाथी के हमले से घायल मोतीलाल महतो की हालत गंभीर [wpse_comments_template]

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