Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि झारखंड में प्रखंड और अनुमंडल बनाने के लिए जनसंख्या और वहां की भौगोलिक स्थितियों का आकलन किया जा रहा है. जल्द ही सरकार इस पर फैसला लेगी. विधानसभा में गैर सरकारी संकल्प के जरिए कई विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रखंड व अनुमंडल बनाने की मांग को उठाया था. इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला, प्रखंड, पंचायत के सृजन के कई मापदंड होते हैं. भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या और प्रशासनिक दृष्टिकोण सृजन का मापदंड होता है. इसका आकलन किया जा रहा है.
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शहरीकरण का भी विरोध होता है
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई विधायकों ने नया प्रखंड और अनुमंडल के गठन की मांग की है. लेकिन यह भी देखा जाता है कि जिला बनने के बाद भी शहरीकरण का विरोध होता है. कई पंचायतों के लोग नगर निगम क्षेत्र में शामिल नहीं होना चाहते हैं. इसलिए सरकार इसका विस्तृत आकलन करवा रही है.... तो जनता से ज्यादा अधिकारी हो जायेंगे
उन्होंने कहा कि जिन जरूरी सुविधाओं के लिए प्रखंड व अनुमंडल के सृजन की जरूरत होती है, उसे लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है. जाति, आवासीय प्रमाण पत्र गांव- गांव में आसानी से बनाने की सुविधा दी जा रही है. सीएम ने कहा कि हम देखते हैं कि कई प्रखंडों में BDO और CO नहीं हैं. अगर ऐसे ही बिना आकलन के प्रखंड, अनुमंडल का सृजन होता रहा, तो वह दिन दूर नहीं, जब जनता से ज्यादा अधिकारी हो जाएंगे. इसे भी पढ़ें – HEC">https://lagatar.in/cm-hemant-said-on-hec-the-government-is-serious-for-the-glorious-establishment-will-try-to-revive-it-afresh/">HECपर बोले सीएम हेमंत, गौरवशाली प्रतिष्ठान के लिए सरकार गंभीर, नए सिरे से रिवाइवल का करेगी प्रयास [wpse_comments_template]
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