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बिहार : जहरीली शराब से हुई मौतों पर राजनीतिक बयानबाजी जारी, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

Patna :  बिहार में जहरीली शराब पीकर मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं दूसरी तरफ जहरीली शराब से हुई मौतों पर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है. एक तरफ विपक्ष के लोग सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार जांच कर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की बात कह रही है. राजद नेता मनोज कुमार झा ने जहरीली शराब त्रासदी को लेकर नीतीश सरकार को घेरा है. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि मरने वालों की संख्या 25 से ऊपर जा चुकी है. सरकार ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भी डेटा को छिपाना चाहती थी. मुख्यमंत्री कहां है? राज्य को कौन चला रहा है? मौतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. शराबबंदी के नाम पर गरीब और लाचार लोगों को जेल भेजा जा रहा है. तेजस्वी यादव ने सही कहा कि यह एक उद्योग है, एक सिंडिकेट है. https://twitter.com/AHindinews/status/1847161378785861936

शराब पीने से हानि ही हानि, लोगों को समझने की जरुरत :  कुशवाहा

राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि निश्चित तौर पर ये दुखद घटना है. लेकिन लोगों को समझना चाहिए कि शराब पीने से हानि ही हानि है. सब लोगों से अग्रह है कि शराब न पिएं. https://twitter.com/AHindinews/status/1847161283520651611

तेजस्वी बोले- शराबबंदी नीतीश के संस्थागत भ्रष्टाचार का नमूना,

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर वार करते हुए कहा कि सत्ताधारी नेताओं, पुलिस और शराब माफिया के नापाक गठजोड़ के कारण राज्य में 30 हजार करोड़ से अधिक अवैध शराब का काला बाजार फला-फूला है. इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि शराबबंदी नीतीश कुमार के संस्थागत भ्रष्टाचार का एक छोटा सा नमूना है. अगर शराबबंदी हुई है तो इसे पूर्ण रूप से लागू करना सरकार का दायित्व है. लेकिन, मुख्यमंत्री की वैचारिक और नीतिगत अस्पष्टता, कमजोर इच्छाशक्ति तथा जनप्रतिनिधियों की बजाय चुनिंदा अधिकारियों पर निर्भरता के कारण आज बिहार में शराबबंदी सुपर फ्लॉप है. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी नेताओं-पुलिस और शराब माफिया के नापाक गठजोड़ के कारण बिहार में 30 हजार करोड़ से अधिक अवैध शराब का काला बाजार फला-फूला है.

तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार से 12 सवालों के मांगे जवाब

तेजस्वी ने इस मामले को लेकर ते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से 12 सवाल भी पूछे और कहा कि वे इन सवालों का जवाब दें. उन्होंने पूछा है कि अगर प्रतिवर्ष इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद हो रही, तो उसके दोषी कौन है? सरकारी फाइलों के अनुसार अवैध शराब से मरने वालों की संख्या 300 से अधिक है, लेकिन हकीकत इससे विपरीत है, अब तक हजारों लोगों की अवैध शराब के कारण मौत नहीं, बल्कि हत्या हुई है. इनका हत्यारा कौन और दोषी कौन? दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई? उन्होंने आगे पूछा है कि क्या अब तक किसी बड़े पुलिस अधिकारी, पुलिस अधीक्षक पर कभी कोई कार्रवाई हुई? सवालिया लहजे में तेजस्वी यादव ने आगे पूछा कि अगर पटना में शराब मिलती है तो उसका मतलब है पांच -छह जिला पार कर यहां तक शराब पहुंची है, तो फिर यह उन सभी जिलों की पुलिस की नाकामी है या नहीं? उन्होंने यह भी प्रश्न किया है कि क्या यह सही नहीं है कि बिहार में शराबबंदी के बाद से अगस्त 2024 तक मद्यनिषेध विभाग की ओर से निषेध कानूनों के उल्लंघन से संबंधित कुल 8.43 लाख मामले दर्ज किये गये हैं, जिनमें कुल 12.7 लाख लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है. मुख्यमंत्री बताएं कि गिरफ्तार लोगों में अधिकांश गरीब और वंचित वर्गों से ही क्यों है? प्रतिदिन पुलिस और उत्पाद विभाग की ओर से करीब 6,600 छापेमारी होती है उसके बावजूद भी शराब की अवैध तस्करी जारी है तो इसका दोषी कौन है?

लालू-राबड़ी के समय में बिहार का क्या हाल होता था पता है ना : रविशंकर प्रसाद

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ये पीड़ादायक है. सरकार बहुत प्रभावी रूप से काम कर रही है. डीजीपी को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है. कमेटी का गठन हुआ है. जिन्होंने भी ये किया है, उन्हें सजा मिलेगी. शराबबंदी को प्रभावी रूप ले लागू कराने के लिए प्रशासन को सजग रहने की जरूरत है. तेजस्वी यादव रोज सवाल करते हैं, उनके माता-पिता के समय में बिहार का क्या हाल होता था पता है ना. https://twitter.com/AHindinews/status/1847200278023696895

 

शराब माफियाओं से है शराबबंदी का विरोध करने वालों का संबंध : दिलीप जायसवाल

बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि शराबबंदी का विरोध करने वाले लोगों का संबंध शराब माफिया से है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच कराई जाये. दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब बिहार में शराबबंदी नहीं थी, तब अपराध की घटनाएं ज्यादा होती थी. मैं बार-बार बोलता हूं कि शराबबंदी के बाद आपराधिक घटनाओं में काफी कमी आयी है. चाहे वह जहरीली शराब से हो रही मौतें हैं या फिर महिलाओं से संबंधित अपराध है. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए, जब शराब खुलेआम बिकती थी, तब सड़क दुर्घटनाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी. लोग शराब पीकर लोग गाड़ी चलाते थे, जिससे हादसे होते थे. जायसवाल ने कहा कि शराब बंदी से न केवल समाज के हालात में सुधार आया है, बल्कि यह महिलाओं के लिए भी सुरक्षा प्रदान करती है. बिहार के विकास के लिए जरूरी है कि हम समाज के संस्कारों को न बिगाड़ें. क्या हम आने वाली पीढ़ी की जिंदगी को बर्बाद करके पैसा कमाने की सोचें? जिन नेताओं ने शराबबंदी को खत्म करने की बात की है, उनका कहीं न कहीं शराब माफियाओं से संबंध हो सकता है.

शराब माफियाओं के खिलाफ होनी चाहिए ठोस कार्रवाई 

जायसवाल ने सरकार से अनुरोध इस मामले की जांच कराने की मांग की. कहा कि जो नेता शराब माफियाओं का समर्थन कर रहे हैं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जब शराबबंदी नहीं थी, तब कितनी मौतें हुई थी और अब कितनी हुई हैं? आज साल में एक-दो ही ऐसी घटनाएं होती हैं. लेकिन जब शराब खुली थी, तब यह संख्या दस गुना अधिक थी. हमें इस मुद्दे पर सच्चाई सामने लाने की जरूरत है. जब तक शराब बिहार में चल रही थी, तब समाज की हालत बहुत खराब थी. विशेषकर महिलाओं पर उत्पीड़न बढ़ गया था.

शराब कारोबार में शामिल हैं राजद के लोग : विजय सिन्हा

प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दावा किया कि जहरीली शराब के कारोबार के पीछे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लोगों का हाथ है. आरोप लगाया कि शराब के धंधे में शामिल लोगों को टिकट देने का काम राजद करती है. विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा. सरकार कार्रवाई कर रही है और सभी शराब माफियाओं पर सख्ती से कार्रवाई होगी. कहा कि जब मैं विपक्ष में था, तो मैंने इन मुद्दों पर सवाल उठाये थे, लेकिन उस समय तेजस्वी यादव कुछ नहीं बोलते थे. आज भी हम इन मौतों की निंदा करते हैं. सरकार इस तरह की घटनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है, पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई थी. हम उन लोगों की पहचान कर रहे हैं जो इन घटनाओं के पीछे हैं. बिहार के गरीबों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा. राजद पर जुबानी हमला करते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि राजद के नेता अपने पिछले वक्तव्यों पर ध्यान दें, जब उन्होंने शराबबंदी के लिए समर्थन किया था. आज भी शराबबंदी बिहार में पूरी तरह से लागू है. हम सभी को मिलकर इसे लागू करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. बिहार में शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. राजद के लोग भी शराबबंदी के समर्थन में थे, इसलिए अब उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपराधियों को बचाने का खेल बंद करें.  

सीवान में शराब पीकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हुई

सीवान के जिला जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, बिहार के सीवान में अवैध शराब पीकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गयी है. अब तक कुल 79 लोगों को भर्ती कराया गया है. वर्तमान में आठ लोगों का इलाज सदर अस्पताल सीवान में चल रहा है. 13 गंभीर रूप से बीमार लोगों को इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया है. अब तक कुल 30 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. https://twitter.com/AHindinews/status/1847139699875631499

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