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बोकारो : नई शिक्षा नीति से बच्चों पर स्कूल का बोझ होगा कम

 
खेल-खेल में बच्चे ग्रहण करेंगे शिक्षा
Bokaro : चास मध्य विद्यालय प्राचार्य राधा कृष्ण कुमार ने नई शिक्षा नीति को स्वागत योग्य करार देते हुए 23 जून को कहा कि इस शिक्षा नीति के लागू होने से बच्चों पर स्कूल का बोझ कम हो जाएगा. बच्चों के शिक्षा की शुरुआत बिना किताब कॉपी की होगी. बच्चे स्कूल आएंगे और खेल के माध्यम शिक्षा ग्रहण करेंगे. शिक्षा नीति के तहत  कक्षा एक से लेकर 2 तक के बच्चों का किसी भी तरह की परीक्षा नहीं ली जाएगी. बच्चों में शिक्षा के प्रति ललक पैदा करने और शिक्षकों का भय दूर करने के लिए नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत छात्र छात्राओं को पढ़ाई में अपनी मातृभाषा का चयन करने का मौका मिलेगा. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषा की पढ़ाई का भी अवसर मिलेगा. इस तरह बच्चों को पढ़ाई के दौरान तीन भाषाओं का ज्ञान प्राप्त होगा. स्वरोजगार की शिक्षा भी दी जाएगी. स्नातक तक पढ़ाई करने की बाध्यता नहीं होगी.
इंटर की पढ़ाई फिर शुरू करने को लेकर प्राचार्य को सौंपा मांग पत्र
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alt="" width="300" height="200" /> चास कॉलेज[/caption] चास कॉलेज चास में एक बार फिर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू करने को लेकर इस कॉलेज के प्राचार्य ओपी सिन्हा को छात्र नेता युगदेव महथा के नेतृत्व में मांग पत्र सौंपा गया. मौके पर युगदेव महथा ने  कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एकमात्र कॉलेज यही है. इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू नहीं होने पर छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. मौके पर राजवीर सिंह, विपिन सिंह, राहुल महतो, विकास कुमार सिंह, अजीत सिंह समेत अन्य मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=676961&action=edit">यह

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