alt="" width="262" height="300" /> ग्रामीणों द्वारा की गई रोड़ेबाजी[/caption]
लाठीचार्ज में घायल हुए दर्जनों ग्रामीण
लाठीचार्ज में अस्पताल में भर्ती घायलों में सलामत अंसारी, हाजी दिलबर अंसारी, हसन अंसारी के नाम शामिल हैं. जबकि, हातिम अंसारी नामक एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे रिम्स रेफर कर दिया गया है. 10 लोगों को मामूली चोटें आईं, जिनमें कमालुद्दीन अंसारी, असलम परवेज, शमीम अंसारी, नजीर हुसैन, इरफान अंसारी, अयूब अंसारी, इश्तियाक अंसारी, गुलाम हसनैन, इदरीश अंसारी, मुबारक अंसारी के नाम शामिल हैं. [caption id="attachment_580714" align="alignnone" width="300"]alt="" width="300" height="223" /> घटना के बाद गांव में मौजूद सुरक्षा बल के जवान[/caption]
पत्थरबाज़ी में थानेदार समेत कई पुलिसकर्मी हुए घायल
दूसरी ओर, पत्थरबाजी में हरला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार की दांत टूट गई. वहीं सिटी डीएसपी कुलदीप कुमार, जवान प्रीतम महतो, प्रवीण कुमार, पंकज कुमार, संजय यादव घायल हो गए. घटनास्थल पर डीसी कुलदीप चौधरी, एसपी चंदन कुमार, एसी सादात अनवर भी पहुंचे और ग्रामीणों को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन ग्रामीण वार्ता में नहीं पहुंचे.समतलीकरण का विरोध करने वाली महिलाओं को भगाने पर उखड़े लोग
सुबह जब जेसीबी से रेलवे ट्रैक को समतल करने का काम शुरू हुआ तो महिलाओं ने जेसीबी को रोकने की कोशिश की. उसी दौरान महिला पुलिस बल ने वहां से उन्हें जबरन हटा दिया. उसके बाद महिलाएं पहले से जमा कर रखे गए पत्थर के ढेर के पास गई और पत्थरबाजी शुरू कर दी. जब पत्थरबाजी शुरू हुई, तब पुलिस बल की ओर से जवाबी कार्रवाई में लाठीचार्ज किया गया. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने लोगों के घरों की कुंडियां लगा दी. वहीं पुलिस की ओर से रबड़ बुलेट भी चलाया गया और आंसू गैस भी छोड़े गए. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस जवान लोगों के घरों में घुसकर भी लोगों को मारने लगे. जबकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रबड़ बुलेट और आंसू गैस नहीं छोड़े गए और न ही किसी के घर की कुंडियां लगाई गई थी, किसी के घर में घुसकर जवानों की ओर से किसी से कोई मारपीट नहीं की गई.अपर समाहर्ता बोले- अब मुआवजा देना संभव नहीं
अपर समाहर्ता सादात अनवर ने कहा कि ग्रामीणों की तीन मांगें थी. जिसमें वर्ष 2013 के भू-अर्जन अधिनियम के अनुसार मुआवजा दी जाए, जो कि संभव नहीं है. वहीं उनलोगों को डीपीएलआर की ओर से 10-10 डिसमिल जमीन दी जा चुकी है. उस जमीन का वे लोग रकवा बढ़ाने को कह रहे थे. जमीन के बदले एक को नौकरी दी गई, जबकि लोग और लोगों को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं. तीनों मांगें जिला प्रशासन स्तर से संभव नहीं है.मोहलत की मियाद खत्म होने के बाद भी ग्रामीणों ने नहीं हटाया घर
चास एसडीओ दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि 24 सितंबर को चिह्नित 15 घरों में से मात्र 8 घरों को ही तोड़ा गया था. उस समय कुछ ग्रामीणों ने कहा था कि कुछ दिनों की हमें मोहलत दी जाए. वे लोग वैकल्पिक व्यवस्था कर लेंगे, उसके बाद काम शुरू हो, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया. लेकिन इसके बाद भी धीरे-धीरे अस्थायी रूप से लोग वहां रहने लगे और वह जगह धरनास्थल में परिवर्तित हो गया. इस बीच वहां के ग्रामीणों को पिछले 27 फरवरी को वार्ता के लिए बुलाया भी गया था. लेकिन, कुछ लोग उन्हें दिग्भ्रमित कर बगैर वार्ता के ही वापस ले गए.प्रशासन को लोगों से सहानुभूति : एसडीओ
एसडीओ शेखावत का कहना है कि प्रशासन उजाड़े जाने वाले लोगों के प्रति सहानुभूति रखता है, इसलिए उनलोगों को वार्ता में बुलाया गया था. रेलवे की ओर से कुछ मुआवजा दिला दिया जाय, इस पर वार्ता होनी थी. बुधवार को भी माइक से घोषण करते हुए ग्रामीणों से कहा गया कि वे लोग 10 लोगों को चिह्नित करके वार्ता कर लें, परंतु वे लोग फिर वार्ता में आए ही नहीं. उन्होंने कहा कि पीएमओ से इसकी लगातार मॉनिटरिंग हो रही थी. वहां से राज्य के मुख्य सचिव के पास हमेशा आदेश आ रहा था कि उस जगह को खाली करवायी जाए, इसलिए उस जगह को खाली करवाया गया.घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर होगी प्राथमिकी
एसडीओ शेखावत ने कहा कि प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करवाई गई है. ड्रोन से भी फोटो ली गई है. उसी वीडियोग्राफी को देखकर वैसे लोगों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है. जिन्होंने पत्थरबाजी की और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की, वैसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. यह">https://lagatar.in/bermo-child-line-toll-free-number-1098-given-to-children/">यहभी पढ़ें : बेरमो : बच्चों को चाइल्ड लाइन टोल फ्री नंबर 1098 की दी गई जानकारी [wpse_comments_template]

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