इस पेसमेकर की बैटरी की लाइफ 20 वर्ष से अधिक है
यह प्रक्रिया बिना चीर-फाड़ के पूरी तरह से दर्द रहित एवं बहुत ही सुरक्षित है. विशेषकर ऐसे मरीज जो बहुत सी बिमारियों से ग्रसित है तथा जिनका शरीर कमजोर है एवं जिनमे बार-बार पेसमेकर पॉकेट इन्फेक्शन हो जाता है उनमें इस प्रक्रिया के द्वारा पेसमेकर प्रत्यारोपित करने पर रिकवरी बहुत ही जल्दी होती है. इस पेसमेकर का आकार बिल्कुल रिमोट की ( AAA battery ) बैटरी जितना होता है. इसकी बैटरी की लाइफ 20 वर्ष से अधिक है. नियमित पेसमेकर और लीडलेस पेसमेकर में प्रमुख अंतर यह है कि मरीज को अस्पताल में कम रहना पड़ता है, कम रक्तस्राव होता है, प्रत्यारोपण के दौरान जटिलताएं भी कम होती हैं और साथ ही संक्रमण की कोई संभावना नहीं होती है. राज अस्पताल, रांची के हृदय रोग विभाग में डॉ. राजेश कुमार झा के नेतृत्व में कुशल टीम के द्वारा हृदय से जुडी इलाज जैसे एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर प्रत्यारोपण, आईसीडी, सीआरटीडी, पेरीफेरल एंजियोप्लास्टी और लीडलेस पेसमेकर जैसी सारी प्रक्रिया की जाती है. इसे भी पढ़ें – पुष्पा">https://lagatar.in/pushpa-2-affected-by-eclipse-telangana-mla-files-complaint/">पुष्पा2 पर लगा ग्रहण, तेलंगाना विधायक ने दर्ज करायी शिकायत
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