Rahul Hembrom Chakradharpur: चक्रधरपुर में बुधवार को सिख समुदाय ने बैसाखी का त्योहार मनाया. इस अवसर पर चक्रधरपुर नगर स्थित गुरुद्वारा में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. गुरूद्वारा में सिख समुदाय की महिला-पुरुषों का जुटान हुआ. 11 अप्रैल से चल रहा अखंड पाठ बुधवार को संपन्न हुआ. बैसाखी पर्व के अवसर पर गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी को फूलों से सजाया गया था. इसे भी पढ़ें: मौसम">https://lagatar.in/weather-update-cloudy-sky-over-jamshedpur-due-to-trough-run/">मौसम
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alt="" width="600" height="307" /> बैसाखी पर गुरुद्वारा में आयोजित सत्संग में उपस्थित संगत.[/caption] इस अवसर पर बैसाखी पर्व के बारे में बताया गया. ज्ञानी गुरदित सिंह ने कहा कि सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. उन्होंने सिख समुदाय के सदस्यों से गुरु और भगवान के लिये खुद को बलिदान करने के लिये आगे आने के लिये कहा था. आगे आने वालों को पंज प्यारे कहा गया है. वहीं इस दौरान जालियांवाला बाग हत्याकांड में शहीद हुए लोगों को भी याद किया गया.
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alt="" width="300" height="216" /> गुरुद्वारा में कीर्तन प्रस्तुत करते ज्ञानी गुरदित सिंह व गुरप्रीत सिंह.[/caption] मौके पर ज्ञानी गुरदित सिंह व गुरप्रीत सिंह ने कीर्तन प्रस्तुत किया. बैसाखी पर्व के अवसर पर निशान साहिब की भी सेवा हुई. इसकी सेवा सरदार अमरजीत सिंह ने दी. इस अवसर पर संगत ने लंगर का भी स्वाद चखा. लंगर की सेवा सरदार बलजीत सिंह व सरदार सुरजीत सिंह की ओर से दी गई. कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय छाबड़ा, पप्पू छाबड़ा, अमरजीत सिंह, अजीत सिंह, परमवीर सिंह, पीयूष छाबड़ा, करणदीप सिंह, रिक्की छाबड़ा, सोनू कौर, मंजीत कौर, परमजीत कौर, सिमरजीत कौर के अलावा काफी संख्या में सिख समुदाय के महिला-पुरुष मौजूद थे. इसे भी पढ़ें: चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-kudmali-language-quarterly-magazine-peruva-will-be-published-committee-formed/">चाईबासा
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याद किए गए जालियांवाला बाग के शहीद
[caption id="attachment_288865" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="307" /> बैसाखी पर गुरुद्वारा में आयोजित सत्संग में उपस्थित संगत.[/caption] इस अवसर पर बैसाखी पर्व के बारे में बताया गया. ज्ञानी गुरदित सिंह ने कहा कि सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. उन्होंने सिख समुदाय के सदस्यों से गुरु और भगवान के लिये खुद को बलिदान करने के लिये आगे आने के लिये कहा था. आगे आने वालों को पंज प्यारे कहा गया है. वहीं इस दौरान जालियांवाला बाग हत्याकांड में शहीद हुए लोगों को भी याद किया गया.
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
[caption id="attachment_288866" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="216" /> गुरुद्वारा में कीर्तन प्रस्तुत करते ज्ञानी गुरदित सिंह व गुरप्रीत सिंह.[/caption] मौके पर ज्ञानी गुरदित सिंह व गुरप्रीत सिंह ने कीर्तन प्रस्तुत किया. बैसाखी पर्व के अवसर पर निशान साहिब की भी सेवा हुई. इसकी सेवा सरदार अमरजीत सिंह ने दी. इस अवसर पर संगत ने लंगर का भी स्वाद चखा. लंगर की सेवा सरदार बलजीत सिंह व सरदार सुरजीत सिंह की ओर से दी गई. कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय छाबड़ा, पप्पू छाबड़ा, अमरजीत सिंह, अजीत सिंह, परमवीर सिंह, पीयूष छाबड़ा, करणदीप सिंह, रिक्की छाबड़ा, सोनू कौर, मंजीत कौर, परमजीत कौर, सिमरजीत कौर के अलावा काफी संख्या में सिख समुदाय के महिला-पुरुष मौजूद थे. इसे भी पढ़ें: चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-kudmali-language-quarterly-magazine-peruva-will-be-published-committee-formed/">चाईबासा
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