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Chandil : डैम का जलस्तर पहुंचा 181.25 मीटर, चार रेडियल गेट खोले

 
  • छह, सात, आठ और नौ नंबर गेट 10-10 सेंटीमीटर खोला गया
Chandil (Dilip Kumar) : पिछले कुछ दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश से सुवर्णरेखा परियोजना के चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ गया है. जलस्तर बढ़ने के बाद डैम का चार रेडियल गेट रविवार की सुबह आठ बजे खोल दिया गया. रेडियल गेट संख्या 6, 7, 8 और 9 को 10-10 सेमी खोला गया है. रविवार की सुबह डैम का जलस्तर 181.25 मीटर दर्ज किया गया. वहीं दो दिन पूर्व गुरुवार को डैम का जलस्तर 178.93 मीटर दर्ज किया गया था. रेडियल गेट खोले जाने के बाद लगातार बढ़ रहे डैम के जलस्तर में स्थिरता आई है. इसके पूर्व गुरुवार को चांडिल बांध का पांच रेडियल गेट खोल दिया गया था. सुबह 8:30 बजे डैम के पांच रेडयल गेट संख्या 4, 5, 6, 8 और 9 को 10-10 सेमी खोल दिया गया था. दिनभर पांचों रेडियल गेट से पानी छोड़ने के बाद शाम 4:30 बजे सभी गेट को बंद कर दिया गया था. अब देखना है कि रविवार की सुबह खुला गेट कब बंद किया जा रहा है. परियोजना प्रशासन डैम का जलस्तर को कितना मीटर रखना चाहता है. इसे भी पढ़ें : Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-villagers-meeting-against-sail-mines-on-7th/">Kiriburu

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विस्थापितों की बढ़ने लगी धड़कन

जैसे-जैसे चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चांडिल डैम के डूब क्षेत्र के गांवों में रहने वाले विस्थापितों की धड़कन बढ़ती जा रही है. वैसे इस क्षेत्र में मानसून की मूसलाधार बारिश नहीं होने के कारण डूब क्षेत्र के गांवों में अब तक डैम का पानी नहीं पहुंचा है. किसी भी गांव में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई है. सावन के महीने में भी चांडिल डैम का जलस्तर नहीं बढ़ने से विस्थापितों ने राहत की सांस ली है. बरसात के मौसम में ऐसे समय में चांडिल डैम के डूब क्षेत्र के गांवों में डैम का पानी पहुंच जाता था. ऐसे में पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है और विस्थापित परिवारों को दूसरे सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ती है. पूर्ण मुआवजा राशि और संपूर्ण पुनर्वास की सुविधा नहीं मिलने के कारण डूब क्षेत्र के कई गांवों के विस्थापित अब तक अपना मकान व गांव नहीं छोड़े हैं. डैम का जलस्तर नहीं बढ़ने के कारण लोग सकून से अपने गांव में ही रह रहे हैं. परियोजना प्रशासन ने इस वर्ष भी डैम में 183 मीटर तक जल भंडारण करने का निर्णय लिया है. वैसे नया दिशा-निर्देश मिलने के बाद इसे बदला भी जा सकता है. [wpse_comments_template]
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