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धनबाद : राज्य प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय पदाधिकारी का छलका दर्द

Dhanbad : धनबाद शहरी क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के उपाय सिर्फ आईवास है. जिन विभागों को इसकी जिम्मेवारी दी गई है, वे कार्रवाई करना तो दूर, किसी बात का जवाब देना भी जरूरी नहीं समझते है. उक्त बातें राज्य प्रदूषण बोर्ड के साथ किए गए पत्राचार में क्षेत्रीय पदाधिकारी राम प्रवेश कुमार ने कही है. उन्होंने कहा है कि पूर्व पार्षद निर्मल कुमार मुखर्जी की शिकायतवाद के आलोक में 8 सितंबर 2022 को झरिया के बनियाहिर में कचरे के डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया गया था. इसमें कई खामियां मिलीं थी. इसके समाधान के लिए 12 सितंबर 2022 को नगर निगम को आवश्यक निर्देश दिया गया. लेकिन आज तक इस संबंध में क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी मुझे नहीं दी गई है. शहर के सड़कों की चौड़ीकारण के दौरान कितने वृक्षों की कटाई हुई, इसके बदले कितने वृक्ष लगाए गए, इसकी जानकारी लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता से कई बार मांगी गई, लेकिन आजतक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है. पूर्व पार्षद ने उठाए थे सवाल, नहीं मिला जवाब ज्ञात हो कि पूर्व पार्षद ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नगर निगम क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपाय पर सवाल खड़ा किया था. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी. मंत्रालय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड को जांच का आदेश दिया था. बोर्ड ने क्षेत्रीय पदाधिकारी को जांच की जिम्मेवारी सौंपी, लेकिन जांच बेनतीजा रही. इस संबंध में पूर्व पार्षद ने बताया कि अलग-अलग विभागों की ओर से रिपोर्ट नहीं दिया जाता है, इससे साफ हो जाता है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है. बिना ठोस कचरा प्रबंधन के सफाई एजेंसी को काम देना, आबादी के बीच कचरा डंप करना, अंधाधुन पेड़ों की कटाई जैसे मामलों से साफ है कि प्रदूषण को लेकर कोई गंभीर नहीं है. जब तक समाधान नहीं हो जाता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=668319&action=edit">धनबाद

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