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धनखड़ अविश्वास प्रस्ताव : रिजिजू ने कहा, ऐसा सभापति मिलना मुश्किल, नड्डा बोले, हम सोरोस पर चर्चा चाहते हैं..

NewDelhi : राज्यसभा में जगदीप धनखड़ को लेकर आज बुधवार को भारी हंगामा हुआ. बता दें कि विपक्ष ने सभापति जगदीप धनखड़ को लेकर अविश्वास प्रस्ताव रखा है. प्रस्ताव में 60 सांसदों के हस्ताक्षर हैं. इसे लेकर किरेन रिजिजू ने कहा कि ऐसा सभापति मिलना मुश्किल है. अविश्वास प्रस्ताव लाना सभापति का अपमान है. विपक्ष से पूछा. आप देश विरोधी ताकतों के साथ क्यों हैं. हम कांग्रेस की साजिश कामयाब नहीं होने देंगे. जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और सोरोस का क्या रिश्ता है. हम सोरोस के मामले पर चर्चा चाहते हैं. ये देश की आंतरिक सुरक्षा का मामला है. इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा होने लगा, जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी. इसके बाद भी कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पायी. हंगामे के कारण कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी.

कांग्रेस ने  जो लगाया है, वह भर्त्सना योग्य है, पूरे सदन को इसकी निंदा करनी चाहिए

सत्ता पक्ष ने जगदीप धनखड़ का जोरदार बचाव  करते हुए दावा किया कि जार्ज सोरोस और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के कथित संबंधों के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी दलों ने आसन पर आक्षेप लगाया है. सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य पिछले दो दिनों से जार्ज सोरोस और कांग्रेस के वरिष्ठतम सदस्य के संबंधों का मुद्दा उठाने का प्रयास कर रहे हैं.  इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से विपक्ष द्व्रारा आसन पर आक्षेप लगाने का कुत्सित प्रयास किया गया है. जे पी नड्डा कहा, ‘जार्ज सोरोस और सोनिया गांधी का क्या संबंध है? यह देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा का सवाल है.   प्रमुख विपक्षी दल और जॉर्ज सोरोस के बीच संबंधों की चर्चा होनी चाहिए. कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के साथ  आसन पर जिस तरीके का आक्षेप कांग्रेस ने लगाया है, वह भर्त्सना योग्य है. पूरे सदन को इसकी निंदा करनी चाहिए.

सरकार अडानी समूह के प्रति अपनी चुप्पी और संरक्षण वादी नीति अपनाए हुए हैं

कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित होने से पूर्व राज्यसभा में जॉर्ज सोरोस-कांग्रेस गठजोड़ के खिलाफ उठाये गये मुद्दे के जवाब में विपक्षी दलों ने पीएम मोदी और राजग सरकार पर हल्ला बोला. विपक्ष ने भाजपा को अडानी समूह से जोड़ा. 23,000 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला दिया गया. विपक्षी सासंद ने भाजपा द्वारा सोरोस के खिलाफ आरोप लगाने के बावजूद हमला जारी रखा. आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी सरकार अडानी समूह के प्रति अपनी चुप्पी और संरक्षण वादी नीति अपनाए हुए हैं. आरोप लगाया कि सरकार निजी क्षेत्र के बड़े उद्योगपतियों के भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करती रही है, जबकि विपक्षी दलों के नेताओं पर राजनीतिक हमले किये जा रहे हैं. राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं का यह आरोप भी था कि मोदी सरकार ने अडानी समूह के कारोबार से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली है.

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