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पीएम मोदी के मन की बात में देश की वैज्ञानिक क्षमता, घरेलू पेटेंट, E-Waste, पर्यावरण पर चर्चा

NewDelhi : प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा कि देश में घरेलू स्तर पर दाखिल किये जाने वाले पेटेंट की संख्या विदेशों से दाखिल किये जाने वाले पेंटेंट से अधिक हो गयी है. उन्हें विश्वास है कि तकनीकी दशक होने का भारत का सपना इन नवोन्मेषकों के दम पर पूरा होगा. पीएम मोदी ने नये साल में अपने पहले मन की बात कार्यक्रम में कहा कि यह देश की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता को रेखांकित करता है. प्रधानमंत्री प्रौद्योगिकियों के विकास वाले इस दशक के लिए तकनीकी दशक शब्द का पहले भी प्रयोग कर चुके हैं.

पेटेंट दाखिल करने के मामले में भारत का विश्व में स्थान सातवां  

इनमें से बहुत सारी प्रौद्योगिकियां भारत में इजाद की गयी हैं. मोदी ने कहा कि पेटेंट दाखिल करने के मामले में भारत का विश्व में स्थान सातवां है, जबकि ट्रेडमार्क पंजीकरण में वह पांचवें नंबर पर है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत के पेटेंट पंजीकरण में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक में भारत 2015 में 80वें स्थान के मुकाबले अब 40वें पायदान पर पहुंच गया है. प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे विश्वास है कि तकनीकी दशक बनने का भारत का सपना उसके नवोन्मेषकों और उनके द्वारा दाखिल किये जाने वाले पेटेंट से पूरा होगा. इसे भी पढ़ें  : आरिफ">https://lagatar.in/arif-mohammad-khan-criticized-the-bbc-documentary-said-he-should-be-called-a-hindu/">आरिफ

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भारतीय विज्ञान संस्थान ने 2022 में 145 पेटेंट कराये हैं

मोदी ने कहा कि प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान ने 2022 में 145 पेटेंट कराये हैं, जो एक शानदार मिसाल है. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार से सम्मानित लोगों में संगीत की दुनिया को मजबूत करने वाले लोगों के अलावा कई आदिवासी या ऐसे लोग शामिल हैं, जो समुदाय के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से विजेताओं के बारे में पढ़ने की अपील की और कहा कि उनकी गाथाएं नयी पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी. इसे भी पढ़ें  :  ओडिशा">https://lagatar.in/odisha-health-minister-naba-das-shot-dead-by-asi-condition-critical-admitted/">ओडिशा

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आप सभी के साथ एक बार फिर बातचीत कर मुझे बहुत खुशी हो रही है

मन की बात के इस संस्करण में पीएम मोदी ने कहा, 2023 की यह पहली मन की बात और उसके साथ-साथ, इस कार्यक्रम का सत्तानवेवां एपिसोड भी है. आप सभी के साथ एक बार फिर बातचीत करके, मुझे बहुत खुशी हो रही है उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर अपने समर्पण और सेवा-भाव से उपलब्धि हासिल करने वालों को People’s Padma को लेकर भी कई लोगों ने अपनी भावनाएं साझा की हैं. पीएम ने कहा, आज जब हम आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान गणतंत्र दिवस की चर्चा कर रहे हैं, तो मैं यहां एक दिलचस्प किताब का भी जिक्र करूंगा। कुछ हफ्ते पहले ही मुझे मिली इस किताब में एक बहुत ही रोचक विषय पर चर्चा की गयी है. इस book का नाम India – The Mother of Democracy है और इसमें कई बेहतरीन Essays हैं.

हर साल 50 मिलियन टन E-Waste फेंका जा रहा है.

ई वेस्ट का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, संयुक्त राष्ट्र की एक Report में बताया गया था कि हर साल 50 मिलियन टन E-Waste फेंका जा रहा है. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कितना होता है? अगर E-Waste को ठीक से Dispose नहीं किया गया, तो यह, हमारे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं, अगर सावधानीपूर्वक ऐसा किया जाता है, तो, यह Recycle और Reuse की Circular Economy की बहुत बड़ी ताकत बन सकता है. [wpse_comments_template]

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