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शिक्षा वह तलवार है, जिससे समाज की बुराइयों को काटा जा सकता : बालमुकुंद लोहरा

बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए समाज के लोग दिखाएं गंभीरता  Lohardaga :   आदिवासी लोहरा समाज जिला इकाई की बैठक जिलाध्यक्ष सरस्वती देवी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष बालमुकुंद लोहरा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए. बालमुकुंद लोहरा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और हर समाज का एक रीति-रिवाज होता है. इसी से उस समाज की पहचान होती है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जो रीति-रिवाज, भाषा और संस्कृति है, उसे बचाकर रखने की जरुरत है.

शिक्षा समाज को फर्श से अर्श तक पहुंचाने का करता है काम 

बालमुकुंद लोहरा ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि हमारे समाज के लोग अपने-अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में विशेष ध्यान दें. कोई भी समाज शिक्षा के बिना अधूरा है. शिक्षा ही समाज को बेहतर बना सकता है. उन्होंने कहा कि शिक्षा वह तलवार है, जिससे समाज के अंदर जितनी भी बुराईयां हैं, उसे काटा जा सकता है. शिक्षा समाज को फर्श से अर्श तक पहुंचाने का काम करता है. शिक्षा वो शेरनी का दूध है, जो जितना पियेगा उतना ही दहाड़ेगा. इसलिए बेटा हो या बेटी सभी को उच्च शिक्षा दिलाने की आवश्यकता है.

बैठक में समाज में जनगणना करने का लिया गया निर्णय 

बैठक को जिला अध्यक्ष सरस्वती देवी, केंद्रीय समिति सदस्य परमेश्वर लोहरा, सदस्य लक्ष्मण लोहरा, सदस्य विक्रम लोहरा, महिला नेत्री सुमित्रा लोहरा सहित अन्य सदस्यों ने भी संबोधित किया. बैठक के उपरांत समाज में जनगणना करने का भी निर्णय लिया गया. वहीं आगामी 10 अक्टूबर को समाहरणालय मैदान में जनगणना प्रारूप देने के लिए बैठक बुलायी गयी है. इसको लेकर अपने-अपने स्तर से व्यापक तरीके से प्रचार-प्रसार करने की भी बात कही गयी. बैठक में कैरो प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप लोहरा, सेन्हा प्रखंड अध्यक्ष विजय बहादुर लोहरा, कुड़ू प्रखंड अध्यक्ष नरेश लोहरा, किस्को प्रखंड उपाध्यक्ष रामजीत लोहरा, देवी लोहरा, दिल रखना लोहरा, करमु लोहरा,पंचम लोहरा के अलावा बड़ी संख्या में महिला व पुरुष उपस्थित रहे.

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