अस्पतालों का भुगतान पिछले 4 महीनों से रोक दिया गया है
एनफोर्समेंट डायरेक्टर ने राज्य सरकार से ऐसे अस्पतालों की सूची मांगी थी और पिछले वर्षों में 3 अस्पतालों में धोखाधड़ी पाए जाने पर उनका अनुबंध रद्द कर दिया गया था. बावजूद इसके, बाकी सभी अस्पतालों का भुगतान पिछले 4 महीनों से रोक दिया गया है, जबकि इनमें कोई अनियमितता नहीं थी. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में, बिना किसी दोष प्रमाण के बाकी अस्पतालों का भुगतान रोकना सर्वथा अनुचित है. बता दें कि एमएमजेएवाई के तहत प्रत्येक मरीज़ के इलाज के पहले टीएचए और एनएचए अप्रूवल के बाद ही ट्रीटमेंट की अनुमति मिलती है. इन सभी मरीजों को सेवाएं एमएमजेएवाई के अनुसार देने के लिए बाध्य करना और फिर भुगतान ना करना- यह किस प्रकार का न्याय है? एएचपीआई ने सीएम हेमंत सोरेन से अपील की है कि वे तुरंत हस्तक्षेप कर बिना उचित कारण के रोके गए भुगतान को बहाल करें, ताकि झारखंड के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दर-दर न भटकें. इसे भी पढ़ें - नियुक्ति">https://lagatar.in/if-objection-is-not-raised-on-appointment-during-service-then-it-cannot-be-raised-even-after-retirement-high-court/">नियुक्तिपर सेवा के दौरान आपत्ति नहीं की गई तो रिटायरमेंट के बाद भी नहीं उठाई जा सकती- हाईकोर्ट [wpse_comments_template]
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