NewDelhi : वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किये जाने को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इसे लाना बहुत जरूरी था. कहा कि इस बिल का विरोध करने वालों को सदियों तक याद रखा जायेगा. उन्होंने बताया कि संशोधन विधेयक लाने की जरूरत क्यों पड़ी.
#WATCH | After introducing the Waqf Amendment Bill in Lok Sabha, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says “A case ongoing since 1970 in Delhi involved several properties, including the CGO Complex and the Parliament building. The Delhi Waqf Board had claimed these as Waqf… pic.twitter.com/qVXtDo2gK7
— ANI (@ANI) April 2, 2025
#WATCH | After introducing the Waqf Amendment Bill in Lok Sabha, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says “In 2013, right before Lok Sabha elections in 2014, there were some steps taken which will raise questions in your mind. In 2013, the act was changed to allow Sikhs,… pic.twitter.com/6LSe1Wg53D
— ANI (@ANI) April 2, 2025
1970 से संसद भवन समेत कई स्थानों पर वक्फ बोर्ड का दावा
रिजिजू ने कहा कि यदि यह वक्फ संशोधन संशोधन विधेयक न लाया गया होता तो आज जिस संसद भवन में डिबेट हो रही है, वह भी वक्फ संपत्ति होती. कहा कि 1970 से संसद भवन समेत कई स्थानों पर वक्फ बोर्ड दावा कर रहा था. कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि 2013 में इन स्थानों को डिनोटिफाई कर दिया गया, इस कारण इस पर वक्फ बोर्ड की दावेदारी हो गयी. \
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि मोदी सरकार वक्फ संशोधन बिल नहीं लाती तो यह संसद परिसर भी वक्फ की संपत्ति होत. वसंत कुंज, दिल्ली एयरपोर्ट समेत कुल 123 स्थानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर वक्फ बोर्ड ने दावा किया था. रिजिजू ने कह कि सेक्शन 108 में कहा गया कि वक्फ ऐक्ट किसी भी कानून से ऊपर रहेगा.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 2013 में, 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले, कुछ ऐसे कदम उठाये गये थे, जो आपके मन में सवाल खड़े करेंगे. कहा कि 2013 में सिखों, हिंदुओं, पारसियों और अन्य लोगों को वक्फ बनाने की अनुमति देने के लिए अधिनियम में बदलाव किया गया था. हर कोई जानता है कि वक्फ मुसलमानों के लिए अल्लाह के नाम पर वक्फ बनाने के लिए है.
कांग्रेस ने बोर्डों को विशिष्ट बनाया
यह बदलाव 2013 में कांग्रेस द्वारा किया गया था. कांग्रेस ने बोर्डों को विशिष्ट बनाया, शिया बोर्डों में केवल शिया… एक खंड जोड़ा गया कि वक्फ का हर दूसरे कानून पर प्रभाव होगा. यह खंड कैसे स्वीकार्य हो सकता है? मंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे मुस्लिमों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप की कोई बात हो.
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने वक्फ के डिजिटलाइजेशन से लेकर वक्फ क्रिएट करने की प्रक्रिया तक, पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि सबकुछ राज्य सरकारों को ही करना है. जो-जो वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट की गयी है, उसे लेकर हम लगातार टच में रहेंगे. कहा कि पूरी तरह राज्य सरकार के अधीन है और उनको ही इसकी निगरानी का काम करना है.
किरेन रिजिजू ने कही, इनकम जेनरेशन का भी इफेक्टिव गवर्नेंस का प्रावधान हमने रखा है. जो रिफॉर्म्स हम लाये हैं और कुछ बदलाव किये हैं, इसमें अगर आपको लगता है कि वक्फ प्रॉपर्टी के बेहतर इस्तेमाल करने के लिए क्या करना चाहिए, उसमें आपके सुझाव का हम खुले दिल से स्वागत करेंगे.
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