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रांची में पार्किंग के नाम पर हो रही है अवैध वसूली

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Tarun Kumar Choubey Ranchi : राजधानी रांची में पार्किंग के नाम पर लोगों से अवैध वसूली खुलेआम हो रही है. नगर निगम द्वारा बंदोबस्ती पर दी गयी सभी पार्किंग में अवैध वसूली की जा रही है. पार्किंग संचालक मनमाने ढंग से पार्किंग चार्ज वसूल रहे हैं. नगर निगम के नियम के अनुसार तीन घंटे के लिए दोपहिया वाहन से पांच रुपये और चार पाहिया से दस रुपये पार्किंग शुल्क लेना है. लेकिन शहर भर के किसी भी पार्किंग में नियमों का पालन नहीं हो रहा है. पार्किंग चार्ज के नाम पर लोगों से 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है. वर्तमान में राजधानी रांची में कुल 27 स्थानों पर आधिकारिक रूप से पार्किंग की व्यवस्था है, उनमें पांच स्थानों की पार्किंग व्यवस्था निगम के अधीन है. 22 स्थान ऐसे हैं, जिसका टेंडर ठेकेदारों को दिया गया है. इन ठेकदारों से निगम को एक साल में 1 करोड़ 20 लाख और 50 हजार का मुनाफा होता है. ये सारे पैसे निगम को बंदोबस्ती देते वक्त ही प्राप्त हो जाते हैं. ठेकेदारा ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में आमलोगों से मनमाने तरीके से पैसे वसूल रहे हैं. सबसे ज्यादा अवैध वसूली की शिकायत मेन रोड से आती है. मेन रोड में लोगों से सबसे ज्यादा अवैध वसूली की जा रही है. ठेकेदार आम जनता के साथ निगम को भी चपत लगा रहे हैं. जिसके कारण नगर निगम की छवि और राजस्व दोनों का नुकसान हो रहा है. पार्किंग में हो रही अवैध वसूली की शिकायत जनता द्वारा कई बार की गयी है. उसके बाद निगम कार्रवाई के नाम पर ठेकेदार को नोटिस भेजकर चेतावनी देता है, लेकिन ठेकेदार किसी की नहीं सुनते. नोटिस के बाद भी अवैध वसूली जारी रहती है. बहुत कम बार देखा गया है कि नगर निगम किसी ठेकेदार पर कोई कार्रवाई करता है.

पार्किंग में दुकान

शहर भर में अधिकांश पार्किंग स्थल सड़क के किनारे हैं. जिसकी वजह से जाम की समस्या बनी रहती है. इसके साथ पार्किंग स्थल में ठेकेदारों के द्वारा ठेले खोमचे वाले को पैसे लेकर दुकान लगाने की जगह दे देते हैं. दुकानदारों के अनुसार ठेकेदार दुकान लगाने के एवज में 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की रकम वसूलते हैं. साथ ही रोजाना 200 से 400 रुपये भी लेते हैं. निगम द्वारा कार्रवाई होने पर इन दुकानदारों को दुकान हटाना पड़ता है, जिससे इन्हें काफी नुकसान होता है. नगर निगम के नियम के अनुसार पार्किंग स्थल पर किसी भी प्रकार की व्यवस्या करने की मनाही है.

हर साल बढ़ रहा है वाहनों का दबाव

रांची में हर साल 97,187 वाहन बढ़ रहे हैं. 2022 में रांची कुल निबंधित वाहनों की संख्या 96,267 थी. रांची जब राजधानी बनी थी, तब रांची की सड़कों पर 3292 रजिस्टर्ड वाहन दौड रहे थे. जो कि 2023 में कुल निबंधित वाहनों की संख्या 13.88 लाख पहुंच गयी है. इसका मतलब रांची को राजधानी बनने से अबतक 420 गुणा गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है. लेकिन उस हिसाब से न सड़कों में वृद्धि हुई और न ही ढंग के पार्किंग ही बन सकी. नतीजा यह है कि आज पार्किंग के नाम पर नगर निगम वाहनों को सड़क किनारे खड़े करवा रहा है.

उचित कार्रवाई की जाएगी : कमलकांत गुप्ता

नगर निगम के अपर नगर आयुक्त कमलकांत गुप्ता से जब पार्किंग में हो रही अवैध वसूली के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही जांच करने के लिए टीम भेजी जाती है. साथ ही अवैध वसूली कर रहे ठेकेदारों की भी जांच की जाएगी. जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों पर उचित कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें : जांच">https://lagatar.in/governor-made-one-to-protect-from-investigation-sit-is-better-than-cbi-supriyo/">जांच

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