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TTPS विस्तारीकरण की बढ़ी उम्मीद, 320 मेगावाट का होगा नया प्लांट

 
Kaushal Anand Ranchi: तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (टीटीपीएस) के विस्तारीकरण की उम्मीद अब बढ़ गयी है. केंद्र सरकार द्वारा टीवीएनएल के विस्तारीकरण के लिए राजबार ई एंड डी कोल ब्लॉक आवंटित कर दिए जाने के बाद झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है. चालू वित्तीय वर्ष में कोल को विकसित करने के लिए नयी परियोजना मद में 100 करोड़ का प्रावधान किया है. उम्मीद की जा रही है कि इस साल इसके विस्तारीकरण पर सरकार कोई अहम निर्णय ले. पढ़ें- साहिबगंज:">https://lagatar.in/sahibganj-dc-inspected-the-venue-organized-on-sido-kanhu-jayanti/">साहिबगंज:

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रघुवर सरकार ने 2016 में लिया गया था निर्णय, कोल ब्लॉक आवंटन के बाद प्रयास हुए तेज

वर्ष 2016 में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा इसके विस्तारीकरण को लेकर निर्णय लिया गया था. मगर फिर बात वहीं की वहीं रह गयी. वर्तमान हेमंत सरकार ने इस प्रोजेक्ट को बारिकी से अध्ययन के बाद इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार का यही एक मात्र थर्मल पावर प्लांट बचा है. इससे उत्पादित बिजली सेंट्रल सेक्टर की कंपनियों से सस्ती है. इसलिए सरकार अपने इस प्लांट का विस्तारीकरण करेगी.

1320 मेगावाट का होगा नया प्लांट

नए प्लांट में दो यूनिट क्रमश: 660-660 का होगा. यानी कि इसकी कुल क्षमता 1320 मेगवाट की होगी. मगर सरकार इसे खुद विस्तारीकरण करेगी या फिर पीपीपी मोड पर जाएगी. इस पर मंथन जारी है. संभावना है कि सरकार पतरातू की तरह पीपीपी मोड पर इसका विस्तारीकरण करे. इसपर सरकार जल्द ही निर्णय लेगी. इसे भी पढ़ें-शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-09-apr-2023-jhar-news-updates/">शाम

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वर्तमान प्लांट खो चुका है अपनी लाइफ

टीटीपीएस का वर्तमान प्लांट अपनी लाइफ खो चुका है. किसी भी पावर प्लांट की क्षमता अधिकतम 25 साल की होती है. यह प्लांट अपनी लाइफ करीब-करीब पूरी कर चुकी है. फिलहाल इस पावर प्लांट में 210-210 की दो यूनिट हैं. मगर किसी न किसी कारण से कभी दोनों प्लांट एक साथ नहीं चल पाती हैं. एक यूनिट कभी कोयले की कमी तो कभी तकनीकी खराबी एवं मेटेनेंस के कारण बंद ही रहती है.

महंगे दर पर बिजली खरीद से मिल सकती है राहत

अगर टीटीपीएस का विस्तारीकरण हो जाता है और इससे 1300 मेगावाट बिजली मिलनी शुरू हो जाती है तो जेबीवीएनएल के लिए बड़ी राहत वाली बात होगी. टीटीपीएस से जेबीवीएनएल को बिजली 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलती है, जबकि सेंटल कंपनियों से यही बिजली चार से साढ़े पांच रुपये प्रति यूनिट खरीदनी पड़ती है. इससे जेबीवीएनएनल को करोड़ों की बिजली खरीद मद में बचत होगी और वित्तीय बोझ कम होगा. [wpse_comments_template]  
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