Jamshedpur (Anand Mishra) : लैंगिक असमानताओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मिसेस केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज की ओर से शनिवार को कुडी मोहंती सभागार में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका में लैंगिक असमानता विषयक सेमिनार का आयोजन किया गया. इसमें उन महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया जो सभी लिंगों के लिए समान अवसरों में बाधक होते हैं. सेमिनार के मुख्य अतिथि कोल्हान यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ राजेंद्र भारती थे. उन्होंने लैंगिक असमानता को कायम रखने वाली व्यवस्थित बाधाओं पर प्रकाश डाला और समानता को बढ़ावा देने के लिए समावेशी नीतियों की आवश्यकता को रेखांकित किया. सेमिनार में सम्मानित अतिथि के रूप में झारखंड राज्य बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ल शामिल हुए. उन्होंने कहा लैंगिक असमानता को कायम रखने के लिए वकालत, नीति सुधार और सामुदायिक गतिशीलता के माध्यम से हम एक ऐसे भविष्य की ओर प्रयास कर सकते हैं जहां हर व्यक्ति को लिंग की परवाह किए बिना आगे बढ़ने और हमारे समाज की प्रगति में योगदान करने के समान अवसर हों. विशिष्ट अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के सीवीसी डॉ. संजीव आनंद ने लैंगिक असमानताओं को कम करने में शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रभाव पर आकर्षक डेटा साझा किया. सेमिनार पीपल ऑफ चेंज और जमशेदपुर क्वीर सर्कल के संस्थापक सोविक साहा के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में हुआ, जिनकी सलाह ने एक ऐसा कार्यक्रम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो प्रकाशपूर्ण और परिवर्तनकारी दोनों था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-womens-university-daughters-should-not-ignore-their-potential-governor/">जमशेदपुर
वीमेंस यूनिवर्सिटी : बेटियां अपनी क्षमता को नजरअंदाज न करें : राज्यपाल सेमिनार में पैनल चर्चाओं, कार्यशालाओं और इंटरैक्टिव सत्रों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिसमें लैंगिक असमानता की बहुमुखी प्रकृति पर प्रकाश डाला गया. उपस्थित पैनलिस्ट में सुश्री आर संतोषी एचआर जमाईपोल ने कॉलेज के इस अछूते विषय पर पैनल डिस्कशन के लिए हार्दिक सराहना की और कहां की युवाओं में जागृति लाने के लिए यह कार्यक्रम एक अति आवश्यक कदम है. डॉ सुष्मिता सेनगुप्ता टीएमएच के अनुसार स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को सभी के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लिंग-विशिष्ट आवश्यकताओं को संबोधित करना चाहिए. डॉ निधि श्रीवास्तव प्रिंसिपल विवेकानन्द इंटरनेशनल स्कूल ने कहा कि हम शिक्षा में लड़कियों को पीछे रखने वाली प्रणालीगत बाधाओं को दूर किए बिना सच्ची लैंगिक समानता हासिल नहीं कर सकते. डॉ पार्थो प्रिया दास एसोसिएट प्रोफेसर अर्का जैन यूनिवर्सिटी के अनुसार शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना समाज में लैंगिक असमानता की जंजीरों को तोड़ने की कुंजी है. अनु प्रभा दास मजूमदार ट्रांसफेमिनिस्ट समान अधिकार अधिवक्ता ने कहा स्वास्थ्य सेवा ट्रांसजेंडर और गैर-बाइनरी व्यक्तियों की विशिष्ट आवश्यकताओं के प्रति सुलभ और संवेदनशील होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-vis-conspiracy-going-on-in-cnt-to-abolish-section-49-champai-soren/">झारखंड
विस : चल रही सीएनटी में धारा-49 को खत्म करने की साजिश : चंपाई सोरेन इसके बाद विद्यार्थियों ने लैंगिक असमानता से संबंधित विभिन्न विषयों पर पेपर प्रस्तुत किये।पेपर प्रेजेंटेशन की पहली जज वाइबीएन यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रोवीसी डॉ उषा शुक्ल थीं. उन्होंने कहा कि प्रगति की दिशा में प्रगति के बावजूद, लिंग की परवाह किए बिना सभी व्यक्तियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए बहुत काम किया जाना बाकी है. इस आयोजन की अन्य जज डॉ जूही समर्पिता प्रिंसिपल डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन थीं. उनके अनुसार इन असमानताओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे में सुधार, सुलभ सेवाएं प्रदान करने और लिंग-संवेदनशील स्वास्थ्य देखभाल नीतियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है. कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ मीता जखनवाल ने छात्रों को इन मुद्दों से निपटने के लिए खुले संवाद में शामिल होने, अनुभव साझा करने और नवीन समाधान प्रस्तावित करने के लिए प्रोत्साहित किया. सेमिनार में अन्य कॉलेजों के छात्र, शिक्षक छात्र, कर्मचारी और उप कर्मचारी उपस्थित थे. सर्वश्रेष्ठ तीन पेपर के लिए संबंधित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. इनमें सर्वोत्तम पेपर के लिए हर्ष मुखी, बीएससी एनवायरनमेंट मैनेजमेंट, द्वितीय सर्वश्रेष्ठ पेपर के लिए अलीशा अरे, अरका जैन यूनिवर्सिटी तथा तृतीय सर्वश्रेष्ठ पेपर-तकदीस तबस्सुम, बीएससी एनवायरनमेंट एंड वॉटर मैनेजमेंट, केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज को मिला शामिल हैं. [wpse_comments_template]
वीमेंस यूनिवर्सिटी : बेटियां अपनी क्षमता को नजरअंदाज न करें : राज्यपाल सेमिनार में पैनल चर्चाओं, कार्यशालाओं और इंटरैक्टिव सत्रों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिसमें लैंगिक असमानता की बहुमुखी प्रकृति पर प्रकाश डाला गया. उपस्थित पैनलिस्ट में सुश्री आर संतोषी एचआर जमाईपोल ने कॉलेज के इस अछूते विषय पर पैनल डिस्कशन के लिए हार्दिक सराहना की और कहां की युवाओं में जागृति लाने के लिए यह कार्यक्रम एक अति आवश्यक कदम है. डॉ सुष्मिता सेनगुप्ता टीएमएच के अनुसार स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को सभी के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लिंग-विशिष्ट आवश्यकताओं को संबोधित करना चाहिए. डॉ निधि श्रीवास्तव प्रिंसिपल विवेकानन्द इंटरनेशनल स्कूल ने कहा कि हम शिक्षा में लड़कियों को पीछे रखने वाली प्रणालीगत बाधाओं को दूर किए बिना सच्ची लैंगिक समानता हासिल नहीं कर सकते. डॉ पार्थो प्रिया दास एसोसिएट प्रोफेसर अर्का जैन यूनिवर्सिटी के अनुसार शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना समाज में लैंगिक असमानता की जंजीरों को तोड़ने की कुंजी है. अनु प्रभा दास मजूमदार ट्रांसफेमिनिस्ट समान अधिकार अधिवक्ता ने कहा स्वास्थ्य सेवा ट्रांसजेंडर और गैर-बाइनरी व्यक्तियों की विशिष्ट आवश्यकताओं के प्रति सुलभ और संवेदनशील होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-vis-conspiracy-going-on-in-cnt-to-abolish-section-49-champai-soren/">झारखंड
विस : चल रही सीएनटी में धारा-49 को खत्म करने की साजिश : चंपाई सोरेन इसके बाद विद्यार्थियों ने लैंगिक असमानता से संबंधित विभिन्न विषयों पर पेपर प्रस्तुत किये।पेपर प्रेजेंटेशन की पहली जज वाइबीएन यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रोवीसी डॉ उषा शुक्ल थीं. उन्होंने कहा कि प्रगति की दिशा में प्रगति के बावजूद, लिंग की परवाह किए बिना सभी व्यक्तियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए बहुत काम किया जाना बाकी है. इस आयोजन की अन्य जज डॉ जूही समर्पिता प्रिंसिपल डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन थीं. उनके अनुसार इन असमानताओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे में सुधार, सुलभ सेवाएं प्रदान करने और लिंग-संवेदनशील स्वास्थ्य देखभाल नीतियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है. कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ मीता जखनवाल ने छात्रों को इन मुद्दों से निपटने के लिए खुले संवाद में शामिल होने, अनुभव साझा करने और नवीन समाधान प्रस्तावित करने के लिए प्रोत्साहित किया. सेमिनार में अन्य कॉलेजों के छात्र, शिक्षक छात्र, कर्मचारी और उप कर्मचारी उपस्थित थे. सर्वश्रेष्ठ तीन पेपर के लिए संबंधित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. इनमें सर्वोत्तम पेपर के लिए हर्ष मुखी, बीएससी एनवायरनमेंट मैनेजमेंट, द्वितीय सर्वश्रेष्ठ पेपर के लिए अलीशा अरे, अरका जैन यूनिवर्सिटी तथा तृतीय सर्वश्रेष्ठ पेपर-तकदीस तबस्सुम, बीएससी एनवायरनमेंट एंड वॉटर मैनेजमेंट, केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज को मिला शामिल हैं. [wpse_comments_template]
Leave a Comment