- 15 अक्टूबर को कलश स्थापना
- पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरुप शैलपुत्री की होगी पूजा
: अमृत कलश की रंगोली बना जगाई देश प्रेम की भावना)
महालय के दिन ऐसे करें पितरों का तर्पण
पंडित कमलेश मिश्रा के अनुसार, महालया के दिन पितरों को अंतिम विदाई दी जाती है. पितरों को दूध, तिल, कुशा, पुष्प और गंध मिश्रित जल से तृप्त किया जाता है. इस दिन पितरों की पसंद का भोजन बनाकर और विभिन्न स्थानों पर प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है. साथ ही भोजन का पहला हिस्सा गाय, दूसरा देवताओं, तीसरा कौवा, चौथा कुत्ता और पांचवा हिस्सा चीटियों को दिया जाता है. ऐसा करने से पितरों को तृप्ति मिलती है. पृित के आशीर्वाद से सुख और समृद्धि मिलती है. इसे भी पढ़ें : देश">https://lagatar.in/if-leadership-of-country-is-inhands-of-a-person-like-pm-modi-extraordinary-results-are-achieved-amit-shah/">देशका नेतृत्व पीएम मोदी जैसे व्यक्ति के हाथ में हो, तो असाधारण परिणाम मिलते हैं : अमित शाह [wpse_comments_template]
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