: झारखंड डिप्लोमा स्तर संयुक्त परीक्षा 2021 हुई, 2152 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित किरीबुरु स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में एक ही शराब के लिये दो तरह का शुल्क लेने से ग्राहकों में भारी आक्रोश है. 3 जुलाई को किरीबुरु स्थित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान में एक ग्राहक ने एक विशेष कंपनी की शराब की (क्वार्टर) की बोतल खरीदी, उस बोतल पर एमआरपी 180 रूपये जबकि कवर पर 190 रुपये अंकित था. इस बात को लेकर ग्राहक व दुकानदार में विवाद हो गया. दुकानदार 190 रुपये लेने की बात पर अडा़ था वहीं ग्राहक 180 रूपये से अधिक देने की बात नहीं कर रहा था. समस्या का समाधान नहीं हुआ. बड़ा सवाल यह है कि एक ही पैक की शराब बोतल में उसका क्रय मुल्य अलग-अलग क्यों. [caption id="attachment_347568" align="aligncenter" width="482"]
alt="" width="482" height="321" /> एक ही ब्रांड के शराब की अलग-अलग एमआरपी[/caption]
शराब दुकान के कर्मचारी भी हैं परेशान
दुकानदारों ने बताया की उन्हें झारखण्ड सरकार के अबकारी विभाग ने लगभग 13,500 रुपये में सुपरवाईजर एंव 10,500 रुपये प्रति माह वेतन पर हेल्फर के पद पर शराब दुकान में नौकरी पर नियुक्त किया था. लेकिन दो महीना बीत गये हैं एक माह का भी वेतन नहीं मिला. अब दुकान के संचालक उन्हें नौकरी से हटा कर बिहार के युवकों को नौकरी पर रख रहे हैं. एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दुकान के संचालकों पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि ये बिहार के लोगों को 25/50 हजार रूपये की घुस पर नियुक्त किया गया है ताकि शराब की बिक्री अधिक दर पर कर सके. इस अवैध नियुक्ति के लिये अबकारी विभाग से भी सहमति नहीं ली गई है.
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alt="" width="509" height="339" /> दुकान से शराब खरीददते ग्राहक[/caption]
बिहार के लोगों को रखा जा रहा काम पर
पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न अंग्रेजी शराब दुकानों के सेल्समैन ने लगातार न्यूज को नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनके अधिकारी बंशल पांडेय का उनपर काफी दबाव है. प्रत्येक शराब दुकान से अवैध कमाई कर 2-3 हजार रूपये उन्हे देने को कहा जाता है. उन्हेे (क्वार्टर) की बोतल में 10 रुपये, हाफ में 20 रुपये एंव फूल बोतल में ग्राहक से एमआरपी से 30 रुपये अधिक की वसूली करने का आदेश है. इस आदेश के बाद उनके द्वारा एमआरपी से अधिक की वसुली भी की जा रही थी लेकिन ग्राहकों का भारी विरोध होने लगा. इस वजह से यह अवैध कार्य को बंद करना पड़ा. इससे नाराज होकर बंशल पांडेय ने कई दुकानों के अबकारी विभाग द्वारा नियुक्त किये गये स्टाफ को अचानक बदल कर बिहार के युवकों को काम पर रख लिया. शराब दुकान से बेरोजगार हो रहे ऐसे युवकों ने 4 जून से किरीबुरु समेत विभिन्न क्षेत्रों की जनता से अपने-अपने क्षेत्रों में अंग्रेजी शराब दुकानों को बंद कराने हेतु आंदोलन छेड़ने की बात कही है.

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