एनआईए ब्रांच ने दर्ज किया था मामला
यह मामला प्रतिबंधित माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्यों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा रची गई साजिश से संबंधित है. इस साजिश का उद्देश्य झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और भारत के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों के अन्य राज्यों में माओवादी की विचारधारा को पुनर्जीवित करना, उसका विस्तार करना और उसका प्रचार करना है. अप्रैल 2022 में एनआईए पुलिस स्टेशन रांची में आईपीसी और यूए(पी) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में अब तक सीपीआई (माओवादी) पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रशांत बोस और प्रमोद मिश्रा और केंद्रीय समिति के सब्यसाची गोस्वामी समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एफआईआर में अन्य के साथ माओवादी के 13 शीर्ष नेताओं का नाम भी शामिल है. इसे भी पढ़ें - नियुक्ति">https://lagatar.in/if-objection-is-not-raised-on-appointment-during-service-then-it-cannot-be-raised-even-after-retirement-high-court/">नियुक्तिपर सेवा के दौरान आपत्ति नहीं की गई तो रिटायरमेंट के बाद भी नहीं उठाई जा सकती- हाईकोर्ट [wpse_comments_template]
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