: विधायक रामदास सोरेन ने जरूरतमंद की बेटी की शादी में की आर्थिक मदद [caption id="attachment_363352" align="alignnone" width="867"]
alt="" width="867" height="869" /> प्राचीन मंदिर.[/caption] इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-street-vendors-bat-bat-in-the-amrit-mahotsav-of-pm-svanidhi-yojana/">जमशेदपुर:
पीएम स्वनिधि योजना के अमृत महोत्सव में स्ट्रीट वेंडर्स की बल्ले-बल्ले
राजा ने वर्ष 1934 में मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था
[caption id="attachment_363354" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="450" /> खिचीं का म्यूजियम.[/caption] इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-honorarium-of-computer-operators-of-kolhan-university-may-increase-from-next-month/">चाईबासा
: कोल्हान विवि के कंप्यूटर ऑपरेटरों के मानदेय में अगले माह से हो सकती है वृद्धि इसी म्यूजियम में दूधबिला पंचायत में स्थापित शिवलिंग बाकी शिवलिंगों से भिन्न है जो यहां पर है. म्यूजियम में रखी शिवलिंग हुबहू मंदिर जैसी ही है. म्यूजियम में स्थापित अन्य कलाकृतियां और मूर्तियां महाभारत काल की वास्तुकला को दर्शाती है. पुजारी ने बताया कि दूधबिला गांव में स्थापित शिवलिंग के जैसा ही खिचिंग करंजिया से 24 किलोमीटर पश्चिम मैं क्योझरगढ़ शहर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. खिचिंग का प्रमुख पर्यटक आकर्षण मां किचकेश्वरी का मंदिर है. मंदिर का निर्माण वर्ष 920 से 925 के दौरान किया गया था. देवी किचकेश्वरी, जो ना केवल भंज वंश की इष्ट देवता और कुलदेवी थी, बल्कि उनके द्वारा शासित मयूरभंज रियासत की राज्य देवता भी थी. मयूरभंज के राजा, महाराजा प्रताप चंद्र भंजदेव ने वर्ष 1934 में लगभग 85,000.00 की राशि खर्च करके मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था.
alt="" width="651" height="1156" /> इसे भी पढ़ें :सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-desh-ratna-dr-rajendra-prasads-statue-also-in-bondage-of-encroachers/">सरायकेला
: देश रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की मूर्ति भी अतिक्रमणकारियों के बंधन में [wpse_comments_template]

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