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विजय दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के बलिदान को याद किया

NewDelhi : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,  पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज 16 दिसंबर, विजय दिवस पर भारतीय सेना के बलिदान को याद किया. बता दें कि पूरा देश आज 1971 की जंग में मिली जीत को याद कर रहा है. 1971 की जंग में भारतीय सेना से पाकिस्तानी सेना को मात देते हुए उन्हें सरेंडर करवाया था और आज के बांग्लादेश को आजादी दिलाई थी. भारतीय सेना के समक्ष 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को सरेंडर किया था, जो सेंकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद सबसे बड़ी संख्या थी. देश के प्रधानमंत्री मोदी ने 1971 के जंग में शामिल जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

हम बहादुर सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान करते हैं

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया. आज विजय दिवस पर हम उन बहादुर सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान करते हैं जिन्होंने 1971 में भारत की ऐतिहासिक जीत में योगदान दिया. उनके निस्वार्थ समर्पण और अटूट संकल्प ने हमारे देश की रक्षा की और हमें गौरव दिलाया. यह दिन उनकी असाधारण वीरता और उनकी अडिग भावना को श्रद्धांजलि है. उनका बलिदान हमेशा पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और हमारे देश के इतिहास में गहराई से समाया रहेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजय दिवस पर भारत के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. इस दिन को याद करते हुए ट्वीट किया, आज विजय दिवस के खास मौके पर देश भारत के सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को सलाम करता है. उनके अटूट साहस और देशभक्ति ने सुनिश्चित किया कि हमारा देश सुरक्षित रहे. भारत उनके बलिदान और सेवा को कभी नहीं भूलेगा.

भारतीय सेना ने शेयर किया वीडियो

भारतीय सेना ने आज एक वीडियो शेयर किया, जिसमें भारतीय सेना के जीत की झलकियां दर्शायी गयी है. इंडियन आर्मी के एक्स हैंडल पर एक मैसेज भी लिखा गया है. विजय दिवस 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारतीय सशस्त्र बलों की निर्णायक जीत का प्रतीक है, एक ऐसी जीत जिसने भारत के सैन्य इतिहास को नया आकार दिया और एक नए राष्ट्र बांग्लादेश को जन्म दिया, जबकि पाकिस्तान के लोगों पर लगातार अत्याचार और क्रूरता को समाप्त किया.

93,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों  ने आत्मसमर्पण किया 

भारतीय सेना ने लिखा कि केवल 13 दिनों में, भारतीय सशस्त्र बलों ने रणनीतिक प्रतिभा, असाधारण बहादुरी और अटूट संकल्प का प्रदर्शन किया, जिसके कारण 93,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को पूरी तरह से परास्त किया गया और अब तक के सबसे बड़े सैन्य आत्मसमर्पण में से एक हुआ. यह तारीख भारत की अपने मित्रों के प्रति प्रतिबद्धता और अपने दुश्मनों के लिए एक दृढ़ चेतावनी के रूप में कार्य करती है.पश्चिम बंगाल के कोलकाता में विजय दिवस के अवकप पर विजय स्मारक, फोर्ट विलियम, सेना मुख्यालय पूर्वी कमान पर हेलीकॉप्टरों से फूलों की वर्षा की गयी. महाराष्ट्र  के मुंबई में भी सेना ने विजय दिवत मनाया.

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