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झारखंड में पारा शिक्षक अब ‘सहायक अध्यापक’ कहे जायेंगे

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Ranchi  :  झारखंड के कुल 63000 पारा शिक्षक अब 60 वर्ष तक शिक्षण सेवा दे पायेंगे. इसके अलावा इन पारा शिक्षकों को अब सहायक अध्यापक के नाम से जाना जायेगा. राज्य सरकार के इस फैसले का झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ ने स्वागत किया है. संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया. इस दौरान शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो, गिरीडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू शामिल थे. मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने वहां उपस्थित राज्य के शिक्षा मंत्री को भी धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया.

सरकार ने लिये हैं कई अहम फैसले

बता दें कि पारा शिक्षकों की मांगों को देखते हुए सरकार ने कई अहम फैसले लिये हैं. इसमें पारा शिक्षकों का 60 वर्षों तक का सेवा स्थायीकरण, TET पास पारा शिक्षकों को 50% तथा NON TET पास पारा शिक्षकों को 40% मानदेय वृद्धि, आकलन परीक्षा पास करने के बाद बोनस के रूप में 10% मानदेय बढ़ोतरी, प्रतिवर्ष 4% का वेतन बढ़ोतरी, पारा शिक्षकों का नाम अब सहायक अध्यापक किये जाने का निर्णय शामिल हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा मानदेय भुगतान हेतु फंड नहीं दिये जाने पर भी राज्य सरकार के योजना मद से नियमित मानदेय भुगतान किया जायेगा.

वर्षों से मांग थी पारा शिक्षकों की, हमारी सरकार ने ढूंढा सकारात्मक रास्ता

मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत कई वर्षों से पारा शिक्षकों की मांगों पर विचार नहीं किया जा सका था. परंतु हमारी सरकार ने पारा शिक्षकों के दर्द और समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए उनकी मांगों को लेकर एक सकारात्मक रास्ता ढूंढने का काम किया है. अब हम सभी लोग साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. सभी के साथ न्याय हो, इसी सोच के साथ हमारी सरकार कार्य कर रही है. आप सभी पारा शिक्षक आने वाली पीढ़ी को दिशा देने का काम करने वाले लोग हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय सीमित संसाधनों के साथ आपसी समन्वय बनाकर आगे बढ़ने का है.

सहायक अध्यापक कहा जाना हर्ष का विषय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की नियुक्तियों में 75%  स्थानीय लोग शामिल हों, ऐसा कानून बना रही है. हमारी सोच है कि झारखंड को अपने पैरों पर खड़ा करें. यहां के लोग सम्मान के साथ जीवन यापन करें. इस निमित्त कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है. राज्य के पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक कहलाएंगे यह हर्ष का विषय है. विश्वास है कि आगे भी हम सभी लोग अपना सुख-दु:ख को बांटते हुए राज्य को नई दिशा देंगे. इसे भी पढ़ें – 7th">https://lagatar.in/7th-jpsc-jharkhand-high-court-refuses-to-stay-the-main-examination/">7th

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