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218 करोड़ की लागत से सीवरेज-ड्रेनेज पाइपलाइन बिछा रहा है नगर निगम

Ranchi :  रांची नगर निगम 218 करोड़ की लागत से शहर के 9 वार्डों में सीवरेज-ड्रेनेज पाइपलाइन बिछा रहा है. 6 वार्ड में पाइपलाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है. वार्ड संख्या 1, 5 और 32, 33, 34 एवं 35 के अधिकतर इलाकों में पाइपलाइन बिछा दी गयी है. यहां घरों के सेफ्टी टैंक का कनेक्शन सीवरेज लाइन से जोड़ने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी. जिन इलाकों में पाइपलाइन बिछा दी गयी है, उन क्षेत्रों से निकलने वाला गंदा पानी निकालने के लिए उसे सीवर लाइन से जोड़ा जायेगा.

रांची नगर निगम की ओर से टेंडर जारी कर दिया गया है

इसके लिए रांची नगर निगम की ओर से टेंडर जारी कर दिया गया है. लगभग 4.60 करोड़ की लागत से इस काम को पूरा किया जाना है. इस राशि से इंस्पेक्शन चैंबर बनाये जाएंगे. इससे घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे बड़गाईं स्थित लेम बस्ती में बनाये गये 3 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में गिरेगा.

घरों के अंदर की जा सकती है तोड़फोड

नगर निगम द्वारा पूरे शहर में सिवरेज-ड्रेनेज की पाइप लाइन बिछाई जानी है. जिन वार्डों में पाइपलाइन बिछा दी गयी है, वहां के लगभग 40 हजार घरों का कनेक्शन सीवर लाइन से जोड़ा जायेगा. घरो के का कनेक्शन सीवर लाइन से जोड़ने के क्रम में तोड़-फोड़ की जा सकती है. क्योंकि, घर बनाते समय पाइपलाइन नहीं होने के कारण अधिकतर घरों में सेप्टिक टैंक बने हुए है. जिसमें टायलेट का सारा गंदा पानी स्टोर होता है.

जिन घरों का निर्माण नक्शा पास कराकर हुआ,  वहां दिक्कत नहीं

जिन घरों में सेप्टिक टैंक बने हुए हैं, उनके टॉयलेट से आउटलेट पाइप निकाल कर सीवर लाइन से जोड़ना होगा. इस कारण घरों में फिर से तोड़-फोड़ करनी पड़ सकती है. जिन घरों का निर्माण नक्शा पास कराकर किया गया है और साइड सेटबैक छोड़ा गया है, वहां दिक्कत नहीं होगी. लेकिन जिन घरों में खाली जगह नहीं छोड़ी गयी है, वहां काफी दिक्कत हो सकती है.

नौ महीने की है डेडलाइन

नगर निगम द्वारा घरों से निकलने वाली सीवर पाइपलाइन को इंस्पेक्शन चेंबर से जोड़ने के लिए 9 महीने की सीमा तय की  गयी है. इंस्पेक्शन चेंबर से घरों की पाइपलाइन जुड़ने से घरों में सेप्टिक टैंक भर जाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी. क्योंकि, घरों से निकलने वाला गंदा पानी पाइपलाइन के जरिये सीधे एसटीपी में पहुंचेगा. एसटीपी में वेस्ट वाटर को रिसाइक्लिंग कर साफ पानी को नदी में बहा दिया जायेगा. वहीं, सूखे हुए मलबे से खाद बनायी जायेगी.

फ्लाईओवर के कारण कई इलाकों में काम रुका

रांची के बरियातू रोड, कांके रोड व रातू रोड में निर्माण कार्य चल रहा है, या शुरू होने वाला है. जिसकी वजह से पथ निर्माण व एनएचएआइ से निगम को एनओसी नहीं मिला. इस कारण इन इलाकों में अभी तक पाइप नहीं बिछाये गये हैं. एनओसी नहीं देने का कारण यह है कि ये इलाके शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे हैं. सड़क को बीच से काट कर पाइपलाइन बिछाने से ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न हो जायेगी. वर्तमान समय में शहर में तीन जगहों पर फ्लाइओवर का काम चल रहा है. इस कारण पहले से ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरायी हुई है. ऐसे में सड़कों की खुदाई करने से पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ठप हो सकती है

15 साल से चल रही है योजना

राजधानी रांची में करीब 15 साल पहले इस योजना पर काम शुरू हुआ था. लेकिन समय के साथ कुछ न कुछ कारणों के वजह से योजना की डेडलाइन बढती गयी.. काम शुरू होने के वक्त इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन करीब छह साल का वक्त बीत चुका है. 2014 में 210 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ. इस काम की जिम्मेवारी ज्योति बिल्डकॉन को सौंपी गयी. 356 करोड़ की लागत से इस काम को किया जा रहा है. वर्षों इंतजार के बाद इसके पूरे होने की उम्मीद जगी है. [wpse_comments_template]

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