- मनरेगा में गड़बड़ी का आरोप
- पदाधिकारी को प्रताड़ित करने का भी है आरोप
- अराजक माहौल के लिए जिम्मेवार रहे अफसर
- पिछले साल 60 अफसरों पर लगे थे आरोप
Ravi Bharti
Ranchi : इस साल जनवरी से लेकर फरवरी तक में राज्य प्रशासनिक सेवा के 10 अफसर भ्रष्टाचार की आंच में आ गए हैं. इनमें से तीन अफसरों पर सरकार ने विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया है. एक अफसर के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है. वहीं दो अफसरों को आरोपमुक्त भी किया गया है. इसमें जेपीएससी के पूर्व परीक्षा नियंत्रक विवेक नारायण अखौरी और चास की तत्कालीन सीओ वंदना शेजवलकर को आरोप मुक्त किया गया है. पिछले साल राज्य सेवा के 60 अफसरों पर आरोप लगे थे. जिसमें 33 अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया था.
पदाधिकारी को प्रताड़ित करने का आरोप
जामताड़ा की तत्कालीन बीडीओ अमृता प्रियंका एक्का पर प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी प्रेमचंद को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है. उन्होंने प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उनके वेतन में कटौती कर दी. 14वें वित्त आयोग की योजनाओं में रुचि नहीं ली. 17 दिन के अवकाश में रहने के बावजूद बिना सक्षम प्राधिकार से अवकाश स्वीकृत कराए बिना पद का दुरुपयोग करते हुए वेतन की निकासी की. साथ ही स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों में रुचि नहीं ली. सरकार ने अमृता प्रियंका एक्का को भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी दी है.
आराजक माहौल के लिए जिम्मेवार
हुसैनाबाद के तत्कालीन बीडीओ लक्ष्मी नारायण किशोर पर अराजक माहौल के लिए जिम्मेवार होने का आरोप लगा. 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान लक्ष्मी नारायण किशोर ने चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन नहीं किया. जिससे अराजक माहौल उत्पन्न हो गया. मतदान कर्मियों को समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा पाए. सरकार ने लक्ष्मी नारायण किशोर को निंदन की सजा दी है.
रिजेनरेशन के मामले को लंबित रखा
मनिका के तत्कालीन बीडीओ वीरेंद्र किड़ों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. 2013 -14 से 2021-22 के बीच रिजेक्ट ट्रांजेक्शन की समीक्षा की गई. जिसमें मनिका में 33 रिजेक्ट ट्रांजेक्शन पाया गया. इसे रिजेनरेशन कराया जाना था, लेकिन इसे लंबित रखा गया. वीरेंद्र किड़ो को इसे शून्य करने का आदेश दिया गया था. इसके बाद भी सिर्फ 31 फीसदी ही रिजेनरेशन हो पाया. वीरेंद्र किड़ो को राज्य सरकार ने सचेत रहने की चेतावनी दी है.
मनरेगा में जेसीबी के उपयोग का आरोप
मांडर के तत्कालीन बीडीओ गोपी उरांव पर कई गंभीर आरोप लगे हैं. गोपी उरांव पर स्वीकृत योजनाओं के पर्यवेक्षण में रुचि नहीं लेने, मनरेगा कार्य में जेसीबी का उपयोग करने का आरोप है. साथ ही डोभा के स्वीकृत और वास्तविक आकार में भिन्नता का आरोप है. मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान में विलंब और प्रखंड में उपलब्ध कराए गए टैबलेट का उपयोग नहीं करने का भी आरोप है. राज्य सरकार ने गोपी उरांव के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया है.
अफसरों के आदेश की अवहेलना का आरोप
पोटका के तत्कालीन बीडीओ प्रभाष चंद्र दास पर उच्च पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना का आरोप है. इनके खिलाफ योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने और समय पर मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं करने का आरोप है. राज्य सरकार ने प्रभाष चंद्र दास को निंदन की सजा दी है.
सजायाफ्ता को लाभ पहुंचाने का आरोप
राज्य सेवा के दो अफसरों पर सजायाफ्ता को लाभ पहुंचाने का आरोप है. इसमें स्कूली शिक्षा विभाग के तत्कालीन अवर सचिव अरविंद कुमार सिंह पर सजायाफ्ता प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को अनुसचित तरीके लाभ पहुंचाने का आरोप है. वहीं राजेंद्र प्रसाद राजेश पर भी सजायाफ्ता को लाभ पहुंचाने का आरोप है. इन दोनों अफसरों के खिलाफ राज्य सरकार ने विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया है.
गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप
राजनगर के तत्कालीन बीडीओ सुनील कुमार पर मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं कराने का आरोप है. इसके साथ ही उचित अनुश्रवण नहीं करने और गुणवत्ता की अनदेखी करने का भी आरोप है. राज्य सरकार ने सुनील कुमार के खिलाफ दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का निर्णय लिया है.
पशु शेड योजना में लापरवाही का आरोप
पाटन के तत्कालीन बीडीओ मनोज कुमार तिवारी पर पशु शेड योजना में मनमानी करने और लापरवाही बरतने का आरोप है. साथ ही मनरेगा में अयोग्य लाभुकों का चयन करने का भी आरोप है. राज्य सरकार ने मनोज कुमार तिवारी को निंदन की सजा दी है.
लाभुकों को राशि भुगतान नहीं करने का आरोप
हेरहंज के तत्कालीन बीडीओ प्रदीप कुमार दास पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में लापरवाही बरतने का आरोप है. उन्होंने इस योजना के 347 लाभुकों को पहली किश्त की राशि का भुगतान ही नहीं किया. आवास में कुल लक्ष्य 1511 के विरुद्ध सिर्फ 1201 परिवारों का ही निबंधन कराया. राज्य सरकार ने प्रदीप कुमार दास को भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी दी है.
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