- एसएमसी सदस्यों का स्कूलों के प्रति जिम्मेवार बनाने के लिए किया जा रहा आयोजन
- 13 मार्च को सभी स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमिटी (एसएमसी) की बुलायी गयी बैठक
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 17 मार्च को होगा कॉन्क्लेव, शिक्षा मंत्री भी रहेंगे उपस्थित
पहली बार सरकार और एसएमसी सदस्य आमने-सामने बैठेंगे
निर्देश में कहा गया है कि 80 उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रति एसएमसी सदस्यों की समझ बढ़ाने, सदस्यों को जिम्मेवार बनाने एवं राज्य की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने के लिए यह कॉन्क्लेव बुलाया गया है. 13 मार्च की बैठक में एसएमसी सदस्यों को कार्य एवं दायित्व और विद्यालय विकास योजना की जानकारी दी जाएगी. राज्य गठन के बाद ऐसा पहली बार होगा, जब सरकार, स्कूल के शिक्षक और अभिभावक आमने-सामने बैठ कर मॉडल स्कूल के प्रति विश्वास कैसे बढ़े, इस दिशा में बातचीत करेंगे.समस्याओं का समाधान भी करती है एसएमसी
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत स्कूलों (सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों) में स्कूल मैनेजमेंट कमिटी (एसएमसी) बनाना अनिवार्य है. कमिटी में स्कूल मैनेजमेंट के अध्यक्ष, सचिव सहित सभी माता-पिता, शिक्षक, बाल-संसद एवं पंचायती राज संस्थान के प्रतिनिधि सदस्य होते हैं. कमिटी न केवल स्कूल के विकास की योजना बनाती है, बल्कि स्कूल से संबंधित समस्याओं का समाधान भी करती है. इसे भी पढ़ें – दिल्ली">https://lagatar.in/delhi-liquor-policy-case-ed-seeks-10-days-custody-of-sisodia-hearing-at-2-pm/">दिल्लीशराब नीति मामला : ईडी ने कोर्ट से सिसोदिया की 10 दिनों की कस्टडी मांगी, दो बजे सुनवाई [wpse_comments_template]

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