में महंगाई के चक्रव्यूह में घिरी मोदी सरकार, झारखंड की महुआ माजी भी मैदान में उतरीं, विपक्षी हमलों पर जावड़ेकर बचाव में उतरे
लाभुकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई
माह का नाम लाभुकों की संख्या भुगतान की गई राशि जनवरी 6440 16,10,000 फरवरी 1933 4,83,250 मार्च 1306 3,26,500 अप्रैल 1571 3,92,750 मई 978 2,44,500 जून 1112 2,78,000 कुल 13340 33, 35,000 आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि जनवरी में लाभुकों ने इस योजना का लाभ बढ़-चढ़कर लिया. लेकिन फरवरी, मार्च और अप्रैल होते-होते लाभुकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई. जून में कम लाभुकों की संख्या और भी दिख रही है. झारखंड सरकार ने इस योजना की शुरुआत उस वक्त की थी, जब पेट्रोल की कीमत आसमान छू रही थी और हर ओर विरोध हो रहा था. इसे भी पढ़ें-हजारीबाग:">https://lagatar.in/hazaribagh-the-ruckus-of-the-left-parties-regarding-inflation-and-drought/">हजारीबाग:महंगाई और सुखाड़ को लेकर वामदलों का हल्लाबोल
हेमंत सरकार ने एप भी लॉन्च किया था
बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार का कहना था कि केन्द्र ने सब्सिडी दिया है, लेकिन राज्य सरकार ने सब्सिडी नहीं दी, इस कारण पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है. कीमत की बढ़ोतरी को देखते हुए गरीब लोगों को लाभ देने के उद्देश्य से हेमंत सरकार ने योजना की शुरूआत की थी. दो-पहिया वाहन के लिए "पेट्रोल सब्सिडी योजना" के तहत निबंधन के लिए CMSUPPORTS एप लांच किया गया था. या http://jsfss.jharkhand.gov.inमें निबंधन कर राशन कार्डधारी योजना का लाभ ले सकते हैं. योजना के जरिए राशन कार्ड से आच्छादित लाभुकों को अपने दो-पहिया वाहन के लिए प्रति माह अधिकतम 10 लीटर पेट्रोल सब्सिडी रेट पर मिलता है. प्रति लीटर 25 रुपए की सब्सिडी यानी 250 रुपए प्रतिमाह उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 26 जनवरी को दुमका से इस योजना की शुरूआत की थी. [wpse_comments_template]

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