Ranchi: राज्य के कई जिलों में अफीम की खेती को नष्ट करने को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही सैकड़ों एकड़ में लगे अफीम की खेती को नष्ट भी किया जा चुका है, लेकिन व्यवसायिक स्तर पर अफीम की खेती करने वाले की गिरफ्तारी न के बराबर हो रही है. जिस वजह से अफीम की खेती करने वाले लोग दुबारा इस कार्य से जुड़ जाते हैं. बीते दिन डीजीपी के द्वारा किए गए समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई थी. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/companies-will-invest-8086-86-crores-in-jharkhand-5406-people-will-get-employment/">झारखंड
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खेती नष्ट करने के साथ-साथ एफआइआर दर्ज करने का निर्देश
डीजीपी ने संबंधित जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि खेती नष्ट करने के साथ-साथ एफआईआर दर्ज किया जाये. एफआईआर दर्ज करने के बाद व्यवसायिक स्तर पर खेती करने वाले की गिरफ्तारी हो, ताकि वह दोबारा खेती आरंभ नहीं कर सकें. यह भी कहा कि पूर्व में जिन इलाकों में अफीम की खेती हो चुकी है, वैसे इलाकों को चिह्नित कर इसका पूरा ब्योरा तैयार करें, ताकि एनसीबी के सहयोग से सेटेलाइट इमेज प्राप्त कर अफीम की खेती को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/mining-leases-will-be-reviewed-in-jharkhand-recovery-will-be-made-on-illegal-mining/">झारखंडमें खनन पट्टों की समीक्षा होगी, अवैध खनन पर की जाएगी वसूली [wpse_comments_template]
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