class="size-full wp-image-993053 aligncenter" src="https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/12/5-47.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> बता दें यहां 91 प्रजातियां संरक्षित हैं, जिनमें 41 पक्षी, 31 स्तनधारी और 19 सरीसृप शामिल है. इस वर्ष कई वन्यजीवों के बच्चों का जन्म हुआ है. जिनमें दरियाई घोड़ा, लकड़बग्घा, सांभर, चीतल, कोटरा, कृष्णमृग, सफेद कृष्णमृग, नीलगाय, लंगूर और बंदर शामिल है. पक्षियों की श्रेणी में मोर, सिल्वर फीजेंट, गोल्डन फीजेंट, बजरीगर, तोता और शुतुरमुर्ग के बच्चों ने उद्यान की शोभा बढ़ाई है. इसके अतिरिक्त, सरीसृपों में घड़ियाल और कछुआ जैसे नए बच्चों ने उद्यान को और समृद्ध किया है. इस वर्ष उद्यान में जैव विविधता को और बढ़ाने के लिए नंदनकानन जैविक उद्यान, भुवनेश्वर से सफेद बाघोन, लोमड़ी, खटास, नाइट हेरोन, आईबिस, ये पेलिकन और माउस डीयर को लाया गया है. सफेद बाघ, काला तेंदुआ, सफेद मोर, सफेद हिरण और नन्हे-मुन्ने वन्यजीवों के बच्चे दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र है. इनके साथ बिताया गया समय न केवल प्रकृति के प्रत्ति जागरूकता बढ़ाता है बल्कि एक अनूठा अनुभव भी प्रदान करता है, जो पर्यटकों की स्मृतियों में लंबे समय तक बना रहता है. इसे भी पढ़ें – पुष्पा">https://lagatar.in/pushpa-2-affected-by-eclipse-telangana-mla-files-complaint/">पुष्पा
2 पर लगा ग्रहण, तेलंगाना विधायक ने दर्ज करायी शिकायत
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