NewDelhi : लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने भाजपा सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्री(किरन रिजिजू) ने यूपीए सरकार को लेकर जो भी बातें कहीं, वह पूरी क पूरी झूठ है. गौरव गोगोई ने इसे ऑथेंटिकेट करने की मांग की.
#WATCH | Deputy Leader of Congress in Lok Sabha, Gaurav Gogoi, speaks on the Waqf Amendment Bill
He says, “Today they ( the government) have their eyes on the land of a particular community. Tomorrow, their eyes will be on the land of other minorities of the society.”
He… pic.twitter.com/orQDUx3uYD
— ANI (@ANI) April 2, 2025
वक्फ बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण
वक्फ बिल को संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण करार देते हुए कहा, मंत्री पूरा भाषण हमारे संघीय ढांचे पर आक्रमण था. इनका उद्देश्य है समाज को बांटना और भ्रम फैलाना है. कहा कि आज अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जताई जा रही है. इनकी डबल इंजन सरकारों ने लोगों को ईद नमाज तक नहीं पढ़ने दीं. आज देश में अल्पसंख्यकों की ऐसी दशा कर दी गयी है कि सरकार को धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा.
वक्फ बाई यूजर का प्रावधान हटाने के संबंध में गौरव गोगोई ने कहा, इसे लेकर अलग-अलग जजमेंट भी आये हैं. इसे अलग-अलग जजमेंट ने ताकत दी. वक्फ क्या है, ये भी हमें समझना चाहिए.
सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है
गौरव गोगोई ने कहा, वक्फ कोई भी व्यक्ति कर सकता है, ये अधिकार क्यों छीना जा रहे है. आज भाजपा की एक समाज(मुस्लिम) की जमीन पर नजर है. कल इनकी दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर पड़ेंगी. गोगोई ने कहा, बिल में संशोधन की जरूरत है, ऐसा नहीं कहता कि इसकी जरूरत नहीं है. हम संशोधन के विरोध में नहीं हैं. लेकिन संशोधन ऐसा हो जिससे बिल और ताकतवर हो.
आरोप लगाया कि संशोधन लाये गये हैं, उससे मसले और बढ़ेंगे. कहा कि सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है. आप देश में भाईचारे के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं. राज्य सरकार की अनुमति से बोर्ड को कुछ नियम बनाने की इजाजत थी, जिसे ये पूरा का पूरा हटा रहे हैं. सरकार वक्फ बोर्ड को कमजोर करना चाहती है.
भ्रम फैला रहे हैं कि पुराने कानून में हाईकोर्ट का कोई रोल नहीं
गौरव गोगोई ने कहा कि आप बार-बार इस तरह का भ्रम फैला रहे हैं कि पुराने कानून में हाईकोर्ट का कोई रोल नहीं है, वक्फ ट्रिब्यूनल का आदेश ही अंतिम होगा. कहा कि अगर कहीं अन्याय हो रहा हो तो सेक्शन 96 के तहत केंद्र सरकार को यह पावर है कि वह डायरेक्शन जारी कर सकता है. मामला हाईकोर्ट भी जा सकता है. पूछा कि कहीं भी नाइंसाफी हुई हो तो आप बताइए कि 10 साल में कितनी बार आपने इसका इस्तेमाल कर डायरेक्शन जारी किये.
वक्फ बिल को अल्पसंख्यक करार देते हुए कहा कि उस कौम पर आप दाग लगाना चाहते हैं जिसमें लगभग दो लाख उलेमा शहीद हुए. जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में हमारा साथ दिया, दांडी मार्च का सपोर्ट किया, ब्रिटिश डिवाइड एंड रूल का खंडन किया.
सत्तारूढ़ भाजरा पर आरोप लगाते हुए कहा, जब आप लोग भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे थे, उस कौम(मुस्लिम) ने किया.
गौरव गोगोई ने कहा कि मंत्री ने जेपीसी में बहुत विस्तार से चर्चा की बात कही. इसलिए हमें कहना पड़ रहा है कि जेपीसी अध्यक्ष को हमने बार-बार पत्र लिखा. कहा कि तेलंगाना, तमिलनाडु, आईटी एक्ट में ओवरराइटिंग प्रिंसिपल है. उसमें आपको तकलीफ नहीं है और यहां इसे हटा रहे हैं. कहा कि लिमिटेशन एक्ट जो हटाया गया है,
आंध्र प्रदेश के लॉ में वैसे ही मूल कानून में है. इनके आंध्र प्रदेश के साथी(टीडीपी) को भी जनता को जवाब देना पड़ेगा. जेपीसी में जिस प्रकार से विचार हुआ, ये देश उसके खिलाफ है.
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