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बिहार : डेंगू ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड, अस्पतालों में बेड फुल, दवा गायब

Patna : पटना जिले में डेंगू नया रिकॉर्ड बना रहा है. 10 दिन से जिले में हर रोज औसतन 250 से 300 से अधिक नये मरीज मिल रहे हैं. पिछले 24 घंटे में जिले में 406 नये मरीज मिले हैं. जो अब तक का रिकॉर्ड है. इनमें सबसे अधिक पीएमसीएच में 145, आइजीआइएमएस 52, एनएमसीएच में 43 मरीज जांच में पाये गये हैं. इसके अलावा 166 मरीज जिले के पीएचसी, अनुमंडलीय अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में मिले हैं. इसके साथ ही पटना जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा 2528 पहुंच गया है.
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महिला डॉक्टर समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है

डेंगू का प्रकोप राज्य के कई जिलों में भी बढ़ने लगा है. एक महिला डाक्टर समेत सात लोगों की मौत डेंगू से हो गई है. बिहार के सभी बड़े अस्पतालों में डेंगू के मरीजों से बेड फुल हो गए हैं. मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही पीएमसीएच में दवा भी खत्म हो गई है. डेंगू का प्रकोप बढ़ने के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी इसके मरीज पहुंचने लगे हैं. यहां पर भी अब धीरे-धीरे बेड फुल होने लगे हैं.

पैरासिटामॉल की मांग 60 प्रतिशत बढ़ी

इधर, पीएमसीएच में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की तरफ से पैरासिटामॉल तक नहीं दिया जा रहा है. डेंगू के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की घोर किल्लत है. दवा की खरीदारी बाहर से ही करनी पड़ रही है. पटना के जीएम रोड में थोक दवा व्यापारी का कहना है कि जब से पटना में डेंगू का कहर बढ़ा है, पैरासिटामॉल, एंटीबायोटिक, एंटीइंफेक्शन और मल्टीविटामिन की मांग करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ गई है. अब मंडी में दवा कम पड़ने लगा है, इसलिए पूरे बिहार में डेंगू के भयानक प्रकोप को देखते हुए दवा व्यापारियों ने कंपनियों में बल्क ऑडर दे दिया है.

अस्पताल ही बना हॉट स्पॉट

पीएमसीएच में इलाज के लिए आए मरीज के परिजनों ने कहा कि घर से ज्यादा डेंगू के मच्छर अस्पताल में परेशान कर रहे हैं. मरीज तो मच्छरदानी में हैं. लेकिन, हमलोग खुले में मच्छरों के बीच रहने को विवश हैं. मरीज के कई परिजन अभी तक डेंगू के डंक के शिकार हो चुके हैं. अस्पताल प्रबंधन से मच्छर को लेकर कई बार शिकायत हमलोगों ने किया, लेकिन कोई नहीं सुनता है. हर कोई एक दूसरे पर आरोप लगा कर अपना पल्ला झाड़ रहा है. परिजनों ने कहा कि टाटा वार्ड के पहले तल्ले को डेंगू वार्ड बनाया गया है. वार्ड के बीच आंगन में बंद फव्वारा है, जिसमें हमेशा पानी जमा रहता है. जहां पर प्रतिदिन डेंगू के हजारों मच्छर जन्म ले रहे हैं. अस्पताल के पीछे गंदगी का अंबार लगा है. ऐसे में यहां पर इलाज करवाने आने वाले मरीज तो ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन उनके परिजन भी डेंगू के डंक का शिकार हो जा रहे हैं.
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