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बोकारो : चिन्मया विद्यालय में शहीद कैप्टन आनंद कुमार को दी गई श्रद्धांजलि

Bokaro : बोकारो चिन्मया विद्यालय में शहीद कैप्टन आनंद कुमार को श्रद्धांजलि दी गई. छात्रों ने दो मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की. बता दें कि कैप्टन आनंद कुमार जम्मू-कश्मीर के पुंछ में ग्रेनेड विस्फोट में दौरान शहीद हो गये हैं. स्कूल के शिक्षक ने कहा कि कैप्टन आनंद कुमार की शहादत पर बोकारो चिन्मया विद्यालय परिवार गर्व कर रहा है. छात्र के शहीद होने की जानकारी मिलने के बाद स्कूल परिवार मर्माहत हो गया. पढ़ें - नक्सल">https://lagatar.in/companies-are-not-getting-insurance-85191-soldiers-officers-state-engaged-in-anti-naxal-campaign/">नक्सल

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कैप्टन आनंद कुमार चिन्मया स्कूल के छात्र थे 

शिक्षक ने बताया कि कैप्टन आनंद कुमार वर्ष 2012 में चिन्मया विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा की. जिसमें उन्होंने 95% अंक हासिल किया. आनंद कुमार यहां गणित विषय की पढ़ाई करते हुए 12वीं में 86% अंक प्राप्त किया था. उसके बाद वे एनडीए का एग्जाम देने के बाद उसमें उनका चयन हुआ और वे देश सेवा के लिए चले गए. इसे भी पढ़ें - मोतिहारी">https://lagatar.in/motihari-nia-arrested-maulana-asghar-ali-used-to-operate-anti-national-activities-by-staying-in-the-mosque/">मोतिहारी

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आनंद कुमार पढ़ने में काफी अच्छे थे

आनंद कुमार के क्लास टीचर रहे एम कुमार ने बताया कि आनंद कुमार पढ़ने में काफी अच्छे थे. उनका स्वभाव इतना बेहतर था कि उनका जुड़ाव सभी से हो जाता था. मृदुल भाषी तथा मिलनसार छात्रों में से थे. एम कुमार ने बताया कि आनंद आईआईटी करना चाहता था, लेकिन उस समय तैयारी नहीं हो पाने के कारण उसने एनडीए का एग्जाम दिया और एनडीए में उनका सिलेक्शन हो गया. उन्होंने कहा कि उसके चले जाने से आज काफी दुख हो रहा है. इसे भी पढ़ें - रांची:">https://lagatar.in/ranchi-high-court-reached-the-matter-of-opening-of-government-schools-in-jharkhand-on-friday/">रांची:

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देश की सेवा करते हुए अपना बलिदान दिया

वही स्कूल के सेक्रेटरी महेश त्रिपाठी ने बताया कि आज हमें आनंद के चले जाने से दुख तो जरूर हो रहा है, लेकिन हमें उस पर गर्व भी है. क्योंकि उसने देश की सेवा करते हुए अपना बलिदान दिया है. उन्होंने बताया कि स्कूल परिवार उसके असमय चले जाने से काफी मर्माहत है. उन्होंने बताया कि भागलपुर में सरस्वती विद्या मंदिर से पढ़ाई करने के बाद उसने हमारे विद्यालय में दाखिला लिया था. इसे भी पढ़ें - पाकुड़">https://lagatar.in/pakur-the-cooperation-of-public-representatives-is-required-in-taking-the-schemes-to-the-beneficiaries-ddc/">पाकुड़

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